BHU: ट्रॉमा सेंटर में रोबोटिक सर्जरी सेवा का उद्घाटन, जानें इसकी खासियत; सीएसआर प्रकोष्ठ का होगा गठन
Varanasi News: कुलपति ने ऑपरेशन थियेटर पहुंचकर रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। साथ ही ट्रॉमा सेंटर में इस सेवा की सराहना करते हुए बीएचयू में मरीजों के साथ संवाद कौशल पर केंद्रित नया कोर्स शुरू करने की बात कही।
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IMS BHU: आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जरी सिस्टम का कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने उद्घाटन किया। इस दौरान प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह के निर्देशन में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की 10 सदस्यीय टीम ने 70 साल के मरीज के घुटने की सफल सर्जरी की।
ट्रॉमा सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जरी सिस्टम अहम प्रौद्योगिकीय व्यवस्था कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के माध्यम से संभव हो सका है। देश में सीएसआर निधि की उपलब्धता पर्याप्त है। चिकित्सकीय संस्थान और विश्वविद्यालय विविध परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार कर उल्लेखनीय प्रगति कर सकते हैं।
कुलपति ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय में भविष्य में इस तरह की पहल और सुगम बन सके, इसके लिए यहां सीएसआर प्रकोष्ठ का गठन करने का निर्णय लिया गया है। प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने सर्जरी की कार्यप्रणाली बताई। बीएचयू के पूर्व रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार, डॉ. आलोक सिंह मौजूद रहे।
मरीजों को हो सहूलियत
रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जरी सिस्टम की स्थापना के साथ ट्रॉमा सेंटर देश का पहला सरकारी चिकित्सा संस्थान बन गया है, जहां नॉन-सीटी आधारित रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जिकल सिस्टम क्रियान्वित किया गया है। यह परियोजना ओएनजीसी के सीएसआर सहयोग और प्रशासन के मार्गदर्शन से साकार हुई है। मुख्य रूप से घुटने में दर्द से परेशान यूपी, बिहार आदि जगहों से आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।