Vegetables Price: वाराणसी में सब्जियों की कम आवक से उछल रहे दाम बिगाड़ रहे जायका, अभी जेब और होगी ढीली
आसमान छू रहे सब्जियों के दामों से करीब-करीब हर घर का बजट और रसोई का जायका बिगड़ रहा है। जिससे हर किसी को बाजार में मन मसोसकर सब्जियों की न केवल खरीदी करना पड़ रही है बल्कि स्वाद के मामले में समझौता करना पड़ रहा है।
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सावन के माह में सब्जियों की कीमतों में उछाल आ गया है। सब्जियों व फलों के आसमान छूते दामों ने आमजन के भोजन की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। महंगाई के कारण रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। वाराणसी की मंडियों में किसी भी सब्जी का दाम 40 रुपये से कम नहीं है।
दो सप्ताह पहले जो परवल 40 से 60 रुपये प्रति किलो में मिलती था, अब उसकी कीमत 90-100 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं 20 रुपये प्रति किलो में मिलने वाली भिंडी, नेनूआ, करेला के दाम में 10 रुपये से ज्यादा की बढोतरी हुई है। बारिश के बाद सब्जियों की आवक कम होने से मंडी में धनिया पत्ता, मिर्च, बोड़ा सहित कई हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।
सब्जी मंडियों में बोड़ा 70-80 रुपये किलो, शिमला मिर्च 100-120 रुपये, धनिया 250-300 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रहे हैं। वहीं, आलू और प्याज 20-से 25 के बीच , टमाटर 40 रुपये, हरी मिर्च 60 रुपये और खीरा 40 रुपये मिल रहे हैं।
सुंदरपुर मंडी के सब्जी विक्रेता उमेश पटेल ने बताया कि मंडी में सब्जियों की कम आवक और सावन माह के चलते मांग बढ़ी है। मंडी में बनारस सहित मिर्जापुर से स्थानीय सब्जियों की आवक है। बारिश के कारण आलू प्याज कीमतों में वृद्धि हुई है।
चांदपुर में हरी सब्जियों के खुदरा विक्रेता राजेश ने कहा कि बारिश के शुरू होते ही ओर दाम और अधिक बढ़ेंगे। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में सब्जियों को मंडी से बाजार तक पहुंचाने का खर्चा अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा पड़ता है। वहीं नुकसान भी अधिक होता है।