वीडीए की पहल: दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना, मंजूरी का इंतजार
दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन के दूसरे चरण की मंजूरी के लिए विकास प्राधिकरण अपनी ओर से कोशिश में जुटेगा। 126 करोड़ रुपये की इस परियोजना का डीपीआर संस्कृति मंत्रालय तक पहुंचा है।
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विकास की तेज बढ़ती गति के बीच बढ़ रहे पर्यटकों की आमद के चलते विकास प्राधिकरण अब अपनी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में जुट गया है। पड़ाव स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन के दूसरे चरण की मंजूरी के लिए विकास प्राधिकरण अपनी ओर से कोशिश में जुटेगा।
126 करोड़ रुपये की इस परियोजना का डीपीआर संस्कृति मंत्रालय तक पहुंचा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस पर सहमति मिल जाएगी। दरअसल, अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंतिम पड़ाव के रूप में स्मृति उपवन को विकसित कर पर्यटकों को इस जगह से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
यहां यहां बनी 63 फीट की पंच धातु की प्रतिमा खास आकर्षण का केंद्र है और कुंड, वैदिक पार्क, इंटरप्रीटेशन वॉल, वाटरफॉल लोगों रिझाता है। मगर, यहां प्रस्तावित संग्रहालय, पर्यटन विकास के लिए रैंप, फुटवॉक, शोधार्थियों के लिए अन्य व्यवस्थाओं को मंजूरी का इंतजार है।
यहां बता दें कि फरवरी 2020 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस स्मृति स्थल का लोकार्पण किया था। साढ़े नौ एकड़ भूमि में निर्मित इस स्मृति स्थल पर अब तक कुल 39 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बाद पड़ाव चौराहे से लेकर स्मृति स्थल के बीच अंडरग्राउंड पार्किंग, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, ओपेन थियेटर, लैंड स्कैप, पुराने पार्क का जीर्णोद्धार आदि के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर संस्कृति मंत्रालय को भेज दी गई है।
रिवर फ्रंट योजना के बाद सहमति की उम्मीद बढ़ी
दरअसल, रामनगर से पड़ाव के बीच प्रस्तावित रिवर फ्रंट योजना में भी पार्किंग, जेटी सहित अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। इस योजना के कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब वीडीए को स्मृति स्थल के दूसरे चरण की परियोजना पर सहमति की उम्मीद जगी है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि इसके लिए पहले भी विकास प्राधिकरण की ओर से संस्कृति विभाग को पत्र भेजकर बजट की मांग की गई थी। दीनदयाल स्मृति स्थल के दूसरे चरण के लिए संस्कृति मंत्रालय को डीपीआर भेजी जा चुकी है। वहां से सहमति व बजट के बाद ही काम होगा। इसके लिए शासन के माध्यम से मंत्रालय से संपर्क किया जा रहा है।