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काशी के अध्यात्म, साहित्य, कला और संस्कृति को फेसबुक पेज बनाकर किया जा रहा है साझा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 08 Aug 2018 04:55 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
काशी का पौराणिक इतिहास, इसकी कहानी और इसके किस्से एक रहस्य सरीखे हैं। इतिहास इतना समृद्ध कि जानना चाहो तो किताबें कम पड़ जाएं। रहस्यमयी इतना कि इसमें जितना उतरो, उतना डूबते जाओ। यही वजह है कि दुनिया भर से लोग इसे जानने-समझने को यहां आते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया के इस दौर में अब किसी शहर को जानना मुश्किल नहीं रह गया है।
काशी की कहानी को बताने के लिए भी फेसबुक पर कई सारे पेज हैं। कोई इसके धार्मिक पक्ष से लोगों को रूबरू करा रहा है तो कोई इसके सांस्कृतिक पक्ष से...। कोई यहां की अलमस्ती को तो कोई यहां के फक्कड़पन को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहा है।
वैश्विक दुनिया में मार्केटिंग के लिहाज से ही नहीं काशी के अध्यात्म, साहित्य, कला और संस्कृति को फेसबुक पेज बनाकर साझा किया जा रहा है। 365 दिन तीज-त्योहार मनाने वाले इस शहर के हर रंग इन फेसबुक पेज पर साझा होते हैं। हर गली के मंदिर, मोहल्ले की मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर की कहानियों के साथ ही यहां के खानपान से ये फेसबुक पेज लोगों में जायका भरते हैं।
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मस्त रहना यहां के लोगों की खासियत होती है। इस तरह कई फेसबुक पेज तो ऐसे हैं जो यहां की मस्ती, यहां के रस, आनंद और फक्कड़पन को ही पूरी तरह समर्पित हैं और यहां के रोचक किस्सों से लोगों को अवगत करा रहे हैं। यही नहीं, इन फेसबुक पेज के कई लाख फॉलोवर भी हैं।
ये हैं फेसबुक पेज
आप बनारसी हैं, बिंदास बनारसी, वाह बनारस, बनारसी इश्क, अपना बनारस, बनारस तेरे रंग हजार, यूपी 65, काशी, मेरी काशी, ई हव रजा बनारस, काशी कथा, बना रहे बनारस
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काशी की कहानी को बताने के लिए भी फेसबुक पर कई सारे पेज हैं। कोई इसके धार्मिक पक्ष से लोगों को रूबरू करा रहा है तो कोई इसके सांस्कृतिक पक्ष से...। कोई यहां की अलमस्ती को तो कोई यहां के फक्कड़पन को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहा है।
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