Varanasi Weather News: बनारस में शीतलहर, कोहरा और गलन की मार बरकरार, सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा रविवार
वाराणसी समेत आसपास के जिलों में शीतलहर, कोहरा और गलन की मार बरकरार जारी है। सोमवार सुबह से बनारस कोहरे की चादर लिपटा है। सुबह का तापमान पांच डिग्री सेल्सिय के आसपास रहा।
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दिन बदल रहे लेकिन नहीं बदला रहा तो मौसम और ना ही कम हो रही मुश्किलें। वाराणसी समेत आसपास के जिलों मे शीतलहर, कोहरा और गलन की मार बरकरार जारी है। सोमवार सुबह से बनारस कोहरे की चादर लिपटा है। दृश्यता काफी कम है। शहर से लेकर दूर-दराज गांवों, हाइवे और एयरपोर्ट पर अपने 30 मीटर आगे तक ही कुछ नजर नहीं आ रहा है। आज स्थिति बाकी के दिनों से भी खराब है।
सुबह का तापमान पांच डिग्री सेल्सिय के आसपास रहा। गलन भरी हवाओं के साथ ही रविवार को न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 3.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम है। सामान्य तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इससे ठंड और बढ़ गई। शीतलहर भी चली है। रविवार इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा।
मौसम विज्ञान विभाग के पास न्यूनतम तापमान के जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके मुताबिक, तीन मंडलों (वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़) के 10 जिलों में वाराणसी सबसे सर्द रहा है। अधिकतम तापमान में भी सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, लेकिन रविवार को 15.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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मौसम में बदलाव से दुश्वारियां ही दुश्वारियां
बीते आठ दिनों से सर्दी अपने पूरे शबाब पर है। सुबह से शाम तक बदली, कोहरा और गलन की मार बरकरार है। ऐसे में घर से लेकर सड़क तक लोग ठंड से बचने के जतन करने में जुटे हैं। गर्म कपड़े की खरीद के साथ हीटर-ब्लोअर की भी बिक्री बढ़ गई है। इसी के साथ गर्म कपड़ों के तमाम अस्थाई बाजार सजे हुए हैं। शीतलहर व गलन से हर तबका बेहाल है। सबसे बुरा हाल रेहड़ी, पटरी पर दुकान और सब्जी लगाने वालों का है।
रोजी-रोटी के लिए कड़ाके की ठंड में लकड़ी, कागज और अन्य सामग्री से आस-पास आग तो जला रहे, लेकिन भला खुली सड़क पर इस हाड़-कंपाने वाली ठंड में उनको राहत नहीं मिल पा रही है। जनवरी महीने के कदम रखते ही मजदूर तबके के लिए ठंड मुसीबत बन गई है। एक तरफ बहुत लोगों का काम काज ठप हो गया है तो दूसरी ओर ठंड में पेट भरने के लिए मुकाबला करना मुश्किल है। मौसम में अचानक हुए परिवर्तन से दुश्वारियां ही दुश्वारियां हैं।
आने वाले दिनों में और बढेगी ठंड
जनवरी के पहले सप्ताह से ही मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुरूआती चार दिन तक धूप न निकलने के बाद शुक्रवार, शनिवार की तरह रविवार को भी दिन में धूप जरूर निकली, लेकिन पछुआ हवाओं में नमी अधिक होने की वजह से उसका भी कोई असर नहीं दिखा। इधर, शाम होते ही कोहरा छाने लगा। तेज हवाएं भी चलीं। इस वजह से ठंड ज्यादा लगी। मौसम में बदलाव की वजह से ही तापमान में भी कमी दर्ज की गई।