मौसम बदलने से किसान परेशान, बारिश ने गेहूं की कटाई मड़ाई पर लगाया ब्रेक
आंधी और बारिश से बदला मौसम का मिजाज।
धूल भरी आंधी में आम के टिकोरा आधे झड़ गए, गेहूं की फसल को भी हुआ नुकसान।
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वाराणसी में धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी ने किसानों के गेहूं की कटाई मड़ाई पर ब्रेक लगा दिया है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश से गेहूं की फसल भीगने से मड़ाई पर असर के साथ ही दाने के काले होने का खतरा भी बढ़ गया है।
आंधी और बे मौसम बारिश से आम और गेहूं को काफी नुकसान पहुंचा है। धूल भरी आंधी में आम के टिकोरा आधे झड़ गए। जबकि शुक्रवार को कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी से गेहूं ही कटाई मड़ाई का काम प्रगति पर था उसमें भी चार से पांच दिनों का और अधिक समय लगेगा। गेहूं की बाली भीगने से दोने के काले होने की संभावना बढ़ गई है। चांदपुर के किसान कृषि शोध के वरिष्ठ प्राविधिक ओमकारनाथ तिवारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं को ज्यादा नुकसान होगा। पहले ही मई जून की गर्मी फरवरी मार्च में झेलने के बाद रबी की फसलें समय से पहले पक गई हैं। जिसका असर उत्पादन पर तो पड़ा ही है साथ ही दाने की गुणवत्ता पर भी इसका असर पड़ा है।
राजातालाब क्षेत्र में मौसम के बदलाव से किसानों को काफी नुकसान हुआ। बृहस्पतिवार की रात में किसानों की नींद हराम हो गई, वहीं शुक्रवार को सुबह हल्की बारिश से किसान डरे दिखे। ऐसे खेत जहां पर फसलें काटकर छोड़ी गईं थीं वह काफी दूर तक उड़ गईं। आंधी से आम के बागवानों को भी काफी क्षति उठानी पड़ी। भिखारीपुर में आम के बाग में टिकोरे गिर गए।
उधर, चिरईगांव में भी बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गेहूं की कटाई और मड़ाई के समय हवा का विशेष महत्व होता है। कुछ दिनों से चल रही पुरवा हवा से कटाई मड़ाई दोनों प्रभावित हुई है। गेहूं की कटाई तो खेतों से किसी तरह किसान कर पा रहे हैं। लेकिन बूंदाबांदी संग पुरवा हवा बहने से गेहूं की मड़ाई पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।