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वीडीए ने कराई नीलामी, मगर अफसरों ने फाइल दबाई

Tue, 09 Mar 2021 01:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 01:04 AM IST
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वाराणसी। इसे विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों व अधिकारियों की उदासीनता कहें या लापरवाही, मगर ई ऑक्शन (नीलामी) के बाद इसकी फाइल अब तक बाहर नहीं आ पाई है। यही कारण है कि ई ऑक्शन में भाग लेने वाले असमंजस की स्थिति में हैं और हर रोज वीडीए का चक्कर काट रहे हैं।
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दरअसल, विकास प्राधिकरण के 168 फ्लैट और भूखंड को लंबे समय से खरीदार नहीं मिल रहे थे। पहले 20 जनवरी को इसके ई ऑक्शन की तैयारी की गई, मगर इसमें लोगों के रुचि नहीं लेने के कारण इसे एक महीने के लिए टाल दिया गया। 20 फरवरी को ई ऑक्शन में 29 संपत्तियों पर नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई। इसके अगले दिन से संपत्तियों के लिए चयनित लाभार्थी आगे की प्रक्रिया और अपने चयन की पुष्टि के लिए चक्कर काट रहे हैं। मगर, अब यह प्रक्रिया कागजों से बाहर नहीं आ पाई है। वीडीए के संपत्ति अधिकारी ने बताया कि फाइल अनुमोदन के लिए गई है और उसके बाद ही सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। इस प्रक्रिया मेें अभी दो-चार दिन का समय लग सकता है।
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दर्जनों लोगों के पैसे भी फंसे
20 फरवरी को हुए ई ऑक्शन में 70 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इसमें तय संपत्ति की कीमत का 10 फीसदी धनराशि धरोहर के रूप में पहले जमा कराई गई थी। इसमें 29 संपत्तियों के प्रथम बोलीदाता को योग्य मानने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद बोलीदाता को उनकी धरोहर धनराशि वापस की जानी है। मगर, प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण धरोहर धनराशि की वापसी प्रक्रिया भी अटकी है।
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केस- 1
शकुंतला देवी ने 60 हजार रुपये ऑनलाइन जमाकर वीडीए के ई ऑक्शन में हिस्सा लिया। ई ऑक्शन की पूरी प्रक्रिया के बाद उन्हें संपत्ति के लिए योग्य माना गया। मगर, अब वे पिछले 15 दिनों से चक्कर काट रही हैं, मगर आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें बताने वाला कोई नहीं है। वीडीए में ई ऑक्शन की फाइल कहां है, यह किसी अधिकारी की जानकारी में नहीं है।
केस-2
अतुल कुमार ने ई आक्शन के लिए एक लाख रुपये जमा किया था। बोली के दौरान वे पिछड़ गए। मगर अब तक वीडीए के खाते में गया उनका पैसा वापस नहीं आ पाया है। पैसा वापस पाने के लिए वे हर रोज विकास प्राधिकरण पहुंच रहे हैं। मगर, फाइलोें के अनुमोदन नहीं होने का बहाना बनाकर टरका दिया जा रहा है।

नीलामी प्रक्रिया में लाभार्थियों की सूची जल्द ही जारी होगी। नीलामी के बाद कई तरह की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसी कारण यह देरी हुई है। - विनोद कुमार सिंह, प्रभारी अधिकारी संपत्ति
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