फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi News Kashi to Get New Oxygen Hub Wetland in Kathirav Conserved Learn About Complete Plan

Varanasi News: काशी को मिलेगा नया ऑक्सीजन हब, कठिरांव में संरक्षित होगा वेटलैंड; जानें पूरी योजना

Sun, 31 May 2026 01:17 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 31 May 2026 01:17 AM IST
सार

Oxygen Hub Varanasi: पिंडरा के कठिरांव स्थित 19.06 हेक्टेयर वेटलैंड को वन विभाग विश्व पर्यावरण दिवस पर संरक्षित आर्द्रभूमि घोषित करेगा। जिला आर्द्रभूमि प्राधिकरण से मंजूरी मिल चुकी है। संरक्षण के बाद अतिक्रमण, प्रदूषण और अवैध निर्माण पर रोक लगेगी। इससे भूजल स्तर सुधरेगा, पर्यावरण संरक्षण होगा तथा प्रवासी पक्षियों और जलीय जीवों को सुरक्षित आवास मिलेगा।

विज्ञापन
Varanasi News Kashi to Get New Oxygen Hub Wetland in Kathirav Conserved Learn About Complete Plan
काशी को मिलेगा नया ऑक्सीजन हब। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi News: पिंडरा तहसील क्षेत्र की कठिरांव ग्राम पंचायत में स्थित प्राकृतिक वेटलैंड को वन विभाग द्वारा संरक्षित किए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। करीब 19.06 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस प्राकृतिक जल स्रोत को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इसे औपचारिक रूप से संरक्षित आर्द्रभूमि घोषित करने की योजना है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।

विज्ञापन


वन विभाग के अनुसार कठिरांव वेटलैंड को ‘आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017’ के अंतर्गत अधिसूचित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला आर्द्रभूमि प्राधिकरण से आवश्यक अनुमोदन भी प्राप्त हो चुका है। अधिसूचना जारी होने के बाद इस क्षेत्र को विशेष कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा और इसके प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

विज्ञापन

प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर संरक्षित किए जाने वाले वेटलैंड के रूप में कठिरांव का चयन किया गया है। यह क्षेत्र प्राकृतिक जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने, बाढ़ नियंत्रण और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां प्रवासी पक्षियों, जलीय जीवों और अन्य वन्य प्रजातियों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

वन विभाग के अनुसार संरक्षण के बाद वेटलैंड क्षेत्र में अतिक्रमण, ठोस अपशिष्ट फेंकना, जल प्रदूषण फैलाना, अवैध निर्माण करना तथा प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इसके लिए निगरानी और संरक्षण की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी।

विज्ञापन

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वेटलैंड के संरक्षण से क्षेत्र का भूगर्भ जल स्तर रिचार्ज होगा और भविष्य में जल संकट की संभावनाएं कम होंगी। इसके साथ ही यह हरित एवं जलीय क्षेत्र वाराणसी के लिए प्राकृतिक ‘फेफड़े’ की तरह कार्य करेगा, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

वन विभाग का कहना है कि कठिरांव वेटलैंड का संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed