यात्रीगण कृपया ध्यान दें! वंदे भारत एक्सप्रेस 45 दिनों तक नहीं चलेगी, इस तारीख से होंगे आरक्षण
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वाराणसी के कैंट स्टेशन से तीन ठहराव में नई दिल्ली पहुंचाने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सपेस में 14 फरवरी के बाद आरक्षण नहीं होगा और 45 दिनों के बाद एक अप्रैल से इस ट्रेन में आरक्षण यात्री करा सकेंगे। ट्रेन के कोच की ओवरहालिंग के लिए इस रैक को लखनऊ और नई दिल्ली स्थित वर्कशाप में भेजा जाएगा।
उत्तर रेलवे नई दिल्ली के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि मरम्मत और ओवरहालिंग को देखते हुए 45 दिनों तक नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन रद्द रहेगा। एक अप्रैल से पुन: यह ट्रेन वापस ट्रैक पर उतरेगी। यात्रियों को परेशानियां नहीं हो इसके लिए तेजस एक्सप्रेस के रैक को चलाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय रेल अधिकारियों के अनुसार सेमी हाईस्पीड ट्रेन जब से नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर लगाया गया तब से ओवरहालिंग के लिए नहीं भेजा गया। जबकि नियमत: 18 माह पूरे होने या फिर छह लाख किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद ट्रेन के रैक को वर्कशाप में ओवरहालिंग के लिए भेजना जरूरी होता है। कोरोना काल के चलते ऐसा नहीं हो सका। वर्कशाप में ट्रेन के बोगी, व्हील, सस्पेंसन सिस्टम आदि को अलग-अलग करके बकायदे उसकी ओवरहालिंग की जाएगी।
लाकडाउन के दौरान 173 दिन तक थी लॉक
नई दिल्ली-वाराणसी के बीच सेमी हाइस्पीड ट्रेन वंदे भारत का ट्रायल रन 2 फरवरी 2019 को हुआ था। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे फरवरी के दूसरे सप्ताह में हरी झंडी दिखाई थी। लाकडाउन के दौरान यह ट्रेन 173 दिन तक बंद रही और 12 सिंतबर 2020 से फिर यह ट्रेन ट्रैक पर लौटी। कैंट स्टेशन से वंदे भारत ट्रेन अपराह्न तीन बजे खुलती है और प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए रात 11 बजे नई दिल्ली पहुंचती है। बनारस से नई दिल्ली चेयरकार का किराया 1440 रुपये प्रति यात्री तो वहीं एग्जिक्यूटिव क्लास का किराया 2925 रुपये है। सप्ताह में सोमवार और बृहस्पतिवार को छोड़ बाकी सभी दिन इस ट्रेन का संचालन होता है।