वाराणसी: कोरोना काल में टूटती सांसों को मिली ‘संजीवनी’, 23 जगहों पर लगे ऑक्सीजन प्लांट
बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर, मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर 23 जगहों पर लगे ऑक्सीजन प्लांट की कुल क्षमता 14 हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) है
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वाराणसी में कोरोना की पहली, दूसरी लहर में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड के लिए मारामारी रही, लेकिन तीसरी लहर में स्थिति सामान्य हो गई। अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट, नए बेड, उपकरण, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के रूप में संजीवनी मिली।
वहीं, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अलग से वार्ड भी बनाए गए हैं। सरकारी अस्पताल ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। जिले में बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर, मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर 23 जगहों पर लगे ऑक्सीजन प्लांट की कुल क्षमता 14 हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) है।
जिले में आठ सरकारी और 50 से अधिक निजी को कोविड अस्पताल बनाया गया था। कुल दो हजार से अधिक बेड रहे, इसमें 500 से अधिक बेड आईसीयू वाले भी रहे। गंभीर मरीजों को देख बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में डीआरडीओ की ओर से पंडित राजन मिश्र अस्थायी अस्पताल भी बनाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अतल सिंह ने बताया कि प्लांट के माध्यम से दो हजार बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई 24 घंटे की जा सकती है। फिलहाल सभी जगहों पर प्लांट क्रियाशील हैं। जरूरत पड़ने पर कोई परेशानी नहीं होगी।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने के साथ ही कोरोना संक्र मित मरीजों के बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था है। ग्रामीण इलाकों में जहां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। वहां समय-समय पर उसकी जांच भी कराई जा रही हैं। ऑक्सीजन प्लांट का भी संचालन कराया जा रहा है।
तीन जगहों पर बना एमसीएच विंग
कोरोना काल में ही बीएचयू समेत तीन अस्पतालों में एमसीएच विंग भी खुला। बीएचयू और महिला अस्पताल कबीरचौरा में 100-100 बेड जबकि दीनदयाल अस्पताल में 50 बेड का एमसीएच विंग बनकर तैयार हो गया। कबीरचौरा में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर उनका इलाज किया गया।
ग्रामीण इलाकों में ऑक्सीजन कंसंस्ट्रेटर उपयोगी
सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री की पहल पर नए-नए ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। वहीं, ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों को ऑक्सीजन कंसंस्ट्रेटर भी मिला। कोरोना मरीजों के साथ ही यह कंसंस्ट्रेटर अन्य मरीजों के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है।10 लीटर वाले कुल 363 कंसंस्ट्रेटर जिले में आए। 132 पीएम केयर फंड वाले जबकि 231 अन्य मद से मंगाए गए। इसके अलावा पांच लीटर वाले 309 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जिले को मिले थे। 72 पीएम केयर फंड और 237 अन्य मदों से आए।