फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi ropeway pillars will be tilted to balance gondola

Ropeway Varanasi: कैंट- रथयात्रा पर पांच, गिरजाघर पर 13 डिग्री तक झुका रहेगा रोपवे का टावर, वजह जान लें

Tue, 12 Nov 2024 12:31 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 12 Nov 2024 12:31 PM IST
सार

यात्रियों की सुरक्षा के लिए कैंट रेलवे स्टेशन और रथयात्रा पर पांच और गिरजाघर पर 13 डिग्री तक टावर झुका रहेगा। गंडोला को संतुलित करने के लिए यह तकनीक अपनाई जाती है।   

विज्ञापन
Varanasi ropeway pillars will be tilted to balance gondola
दशाश्वमेध प्लाजा पर रखा रोपवे का गंडोला। - फोटो : संवाद

विस्तार

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गिरजाघर तक रोपवे के सभी टावर बन गए हैं। जल्द ही ट्रायल रन की प्रक्रिया शुरू होगी। गंडोला को संतुलित रखने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए रोपवे के चार टावर को पांच डिग्री तक तो एक टावर को 13 डिग्री तक झुकाया गया है। यानी यात्रा के समय गंडोला झुकता हुआ आगे बढ़ेगा। इससे यात्री सुरक्षित रहेंगे।

विज्ञापन


इस वजह से झुकाया गया टावर
टावर नंबर दो कैंट स्टेशन पर बनाया गया है। इसमें पांच डिग्री तक झुकाव है। इसी तरह रथयात्रा पर राहिल रेस्टोरेंट के पास बने टावर नंबर 16, रथयात्रा स्टेशन पर टावर नंबर 17 और थियोसॉफिकल सोसाइटी के पास स्थित टावर नंबर 20 पांच डिग्री तक झुकाए गए हैं। गिरजाघर के पास बने टॉवर नंबर 27 को 13 डिग्री तक झुकाया गया है। इस तकनीक के प्रयोग से रोपवे चलने के दौरान प्राकृतिक बलों, जैसे गुरुत्वाकर्षण और हवा के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलती है। इससे केबल और टावर को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।

विज्ञापन

इस तकनीक से बेहतर होगा रोपवे का संचालन  

कार्यदायी संस्था नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड की प्रोजेक्ट मैनेजर पूजा मिश्रा ने बताया कि रोपवे प्रणाली में झुके हुए टावर की आवश्यकता होती है। इससे रोपवे का संचालन बेहतर हो जाता है। टावर की संरचना के जरिये ही केबल से आने वाले भार को समान रूप से विभाजित कर दिया जाता है। इससे टावर सुरक्षित रहता है। उसकी स्थिरता में सुधार होता है। ऐसा करना पूरे सिस्टम को चलाने के लिए जरूरी है। टावर का झुकाव सिस्टम को कुशलतापूर्वक काम करने के लिए आवश्यक तनाव और कोण को बनाए रखने में मदद करता है। स्विटजरलैंड में कुछ रोपवे के निर्माण में तो कुछ टावर को 45 डिग्री तक झुकाया जाता है।

क्या बोले प्रोजेक्ट मैनेजर
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि रोपवे के टावर तैयार करते समय कई तकनीकी पक्ष देखे जाते हैं। इसमें केबल का तनाव, फैलाव की लंबाई (टावरों के बीच की दूरी), निकासी की आवश्यकता शामिल है। यह भी देखा जाता है कि जहां टावर बनना है, वहां जमीन की मिट्टी कैसी है। जमीन की सतह से कितना नीचे पानी मिल रहा है। जलभराव की स्थिति कैसी है। इसके अलावा, भार (केबिन/यात्री/सामग्री), पर्यावरणीय पक्ष (हवा, बर्फ, आदि)। इन सभी स्थितियों का ठीक से परीक्षण करने के बाद ही टावर तैयार किए जाते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed