Varanasi News: अग्रसेन पीजी कॉलेज पहुंची राजभवन की टीम, निकाले गए शिक्षकों ने बताई हकीकत; सौंपा था मांग पत्र
राजभवन की टीम ने वाराणसी के अग्रसेन पीजी कॉलेज पहुंचकर सेवा से निकाले गए शिक्षकों से बातचीत की और उनका पक्ष जाना। शिक्षकों ने नियुक्ति और सेवा समाप्ति से जुड़े तथ्यों से टीम को अवगत कराया। इससे पहले शिक्षकों ने सर्किट हाउस में राज्यपाल और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री को मांगपत्र सौंपकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी।
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अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज परमानंदपुर में राजभवन की टीम बुधवार को निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान राज्यपाल के ओएसडी अशोक देसाई ने कॉलेज के प्राचार्य से बातचीत कर प्रवेश प्रक्रिया, परिणाम आदि के साथ ही शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इधर, पिछले साल कॉलेज से निकाले गए 16 शिक्षक भी कॉलेज के बाहर मौजूद रहे। शिक्षकों ने मंगलवार की देर शाम सर्किट हाउस में राज्यपाल से मिलकर हकीकत बताई और न्याय की गुहार लगाई थी।
संपूर्णानंद संस्कृत विवि के दीक्षांत समारोह में जिस समय राज्यपाल दीक्षांत भाषण दे रही थी, उस समय राज्यपाल के ओएसडी निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो.एके त्यागी, कुलसचिव सुनीता पांडेय, क्षेत्रीय उच्चशिक्षाधिकारी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
गुरुपूर्णिमा पर कॉलेज बंद रहा लेकिन निरीक्षण को लेकर उसको खुलवाया गया। निरीक्षण करने पहुंचे ओएसडी ने कॉलेज की प्राचार्य से शिक्षकों के निकाले जाने प्रकरण पर खुलकर बातचीत की। महाविद्यालय के बाहर खड़े निकाले गए शिक्षकों में डॉ. बृजेश पांडेय, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. उषा चौधरी, डॉ. प्रतिभा तिवारी ने बताया कि महाविद्यालय से उनको पिछले साल निकाला गया।
इसके बाद कोर्ट के आदेश पर काशी विद्यापीठ के कुलपति ने सुनवाई की और बहाली का आदेश भी दिया है। इसके बाद भी कॉलेज की ओर से वापसी नहीं की जा रही है। शिक्षकों ने राज्यपाल के ओएसडी से न्याय दिलाने की मांग की थी। इससे पहले कॉलेज से निकाले गए 16 शिक्षकों ने सर्किट हाउस में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी से भी मुलाकात कर न्याय दिलाने को कहा था।
निकाले गए शिक्षकों ने राज्यपाल से मिलकर न्याय की बात कही थी। इसी परिप्रेक्ष्य में ओएसडी निरीक्षण करने कॉलेज पहुंचे थे। वहां मैं और कुलसचिव भी मौजूद थे। ओएसडी ने कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लिए गए फैसले पर कार्रवाई की बात कही है। - प्रो.एके त्यागी, कुलपति