Varanasi News: नागरी नाटक मंडली में पुलिस ने रुकवाया कार्यक्रम, निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप
एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि शिकायत के अनुसार कंपनी ने गोल्ड निवेश, कैशबैक और नेटवर्क मार्केटिंग आधारित योजनाओं के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया।
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नागरी नाटक मंडली में दिल्ली की एक कंपनी का कार्यक्रम पुलिस ने रविवार को रुकवा दिया। कंपनी पर निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कंपनी के प्रतिनिधियों से पूछताछ शुरू कर दी। साथ ही शिकायतकर्ताओं से भी मामले से जुड़ी जानकारी ली गई।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कंपनी दिल्ली की है और इसमें निवेश करने वालों में कानपुर, दिल्ली समेत अन्य शहरों के लोग शामिल हैं। निवेशकों की वास्तविक संख्या का पता लगाने के लिए साइबर पुलिस जांच कर रही है। एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि शिकायत के अनुसार कंपनी ने गोल्ड निवेश, कैशबैक और नेटवर्क मार्केटिंग आधारित योजनाओं के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया।
आरोप है कि निवेशकों को 10 से 20 माह के भीतर राशि दोगुनी होने, सोना मिलने, कैशबैक और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक लाभ का भरोसा दिया गया। इन दावों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी की योजनाओं में निवेश किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को समय पर भुगतान कर कंपनी ने भरोसा कायम किया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद निवेशकों को न तो उनकी मूल धनराशि वापस मिली और न ही वादे के अनुरूप सोना या अन्य लाभ मिले।
इसी को लेकर कई निवेशकों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।शिकायतकर्ता भगवान सिंह राठौर का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2023 में कंपनी की योजनाओं में निवेश किया था और अपने माध्यम से कई अन्य लोगों को भी जोड़ा। उनके अनुसार उनकी टीम का करीब 90 लाख रुपये और लगभग 300 ग्राम सोना कंपनी के पास बकाया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई लेन-देन पर जीएसटी बिल जारी नहीं किए गए तथा टीडीएस काटे जाने के बावजूद संबंधित राशि जमा नहीं की गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया। पुलिस ने कार्यक्रम को आगे बढ़ने से रोकते हुए कंपनी से जुड़े लोगों से आवश्यक जानकारी मांगी।
क्या बोले अधिकारी
कुछ पीड़ित आए थे। उनकी शिकायत है कि निवेश के बाद उन्हें पैसा नहीं मिला। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पीड़ितों से प्रार्थना पत्र लिया गया है। कंपनी दिल्ली की है। जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी। - विदुष सक्सेना, एसीपी साइबर क्राइम