{"_id":"5c4d505dbdec227378302186","slug":"varanasi-police-arrested-shivasena-leader-during-tiranga-yatra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"काशी को कश्मीर नहीं बनने देंगेः शिवसेना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी को कश्मीर नहीं बनने देंगेः शिवसेना
Mon, 28 Jan 2019 11:02 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Mon, 28 Jan 2019 11:02 AM IST
विज्ञापन
अरुण पाठक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शिवसेना के कार्यकर्ताओं की शनिवार को तिरंगा जुलूस निकालते समय पुलिस से नोकझोंक हो गई। जिसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। शिवसेना नेता का कहना है कि आजादी के इतने सालों बाद भी तिरंगा ना फहराने देना बेहद शर्मनाक है।
शिवसेना उत्तर भारत के फायरब्रांड नेता अरुण पाठक ने बताया कि अस्सी घाट से तिरंगा लेकर अपने सैकड़ों शिवसैनिक व सहयोगियों के साथ शनिवार दोपहर 12.30 बजे जुलूस निकाला गया। वहीं, लोलार्क कुंड के नुक्कड़ पर भारी संख्या में पहले से तैनात पुलिस बल और पीएससी के जवान व कई थानों के थानेदारों से तीखी नोकझोंक के साथ ही हाथापाई हुई।
इसके बाद मुझे और मेरे सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हर साल पुलिस और प्रशासन के लोग ये कहते थे कि माधवराव धौरहरा पे झंडा फहराने से मुस्लिम वर्ग नाराज हो जाएगा।
विज्ञापन
इसलिए हमने इस बार मुस्लिम समाज के दर्जनों लोगों को भी इस तिरंगा जुलूस में शामिल किया था। इसके बाद भी हमें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि शिवसैनिक काशी को कश्मीर नहीं बनने देंगे। अगर हम भारत में तिरंगा नहीं फहरा सकते तो क्या इसके लिए पाकिस्तान जाएं? प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में झंडा फहराने के जुर्म में गिरफ्तार करना बेहद शर्मनाक है।
विज्ञापन
शिवसेना उत्तर भारत के फायरब्रांड नेता अरुण पाठक ने बताया कि अस्सी घाट से तिरंगा लेकर अपने सैकड़ों शिवसैनिक व सहयोगियों के साथ शनिवार दोपहर 12.30 बजे जुलूस निकाला गया। वहीं, लोलार्क कुंड के नुक्कड़ पर भारी संख्या में पहले से तैनात पुलिस बल और पीएससी के जवान व कई थानों के थानेदारों से तीखी नोकझोंक के साथ ही हाथापाई हुई।
विज्ञापन
इसके बाद मुझे और मेरे सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हर साल पुलिस और प्रशासन के लोग ये कहते थे कि माधवराव धौरहरा पे झंडा फहराने से मुस्लिम वर्ग नाराज हो जाएगा।
विज्ञापन
इसलिए हमने इस बार मुस्लिम समाज के दर्जनों लोगों को भी इस तिरंगा जुलूस में शामिल किया था। इसके बाद भी हमें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि शिवसैनिक काशी को कश्मीर नहीं बनने देंगे। अगर हम भारत में तिरंगा नहीं फहरा सकते तो क्या इसके लिए पाकिस्तान जाएं? प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में झंडा फहराने के जुर्म में गिरफ्तार करना बेहद शर्मनाक है।
शिवसेना ने प्रशासन से जुलूस निकालने के लिए मांगी था अनुमति
बता दें कि इसके पहले शिवसेना के नेता अरुण पाठक ने शुक्रवार को ही बताया था कि 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे शिवसैनिक अस्सीघाट पर एकत्रित होकर वहां से तिरंगा जुलूस निकालेंगे। उन्होंने बताया कि माधवराव धरहरा पर तिरंगा फहराने के जुर्म में सन् 1995 और 1997 में हमको जेल भी भेजा गया और उसके बाद निरंतर हर स्वंतत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्वों पर हमें तिरंगा फहराने के जुर्म में गिरफ्तार किया जाता है।
आजादी भारत में तिरंगा झंडा फहराने पर गिरफ्तार किया जाना गुलाम मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति का परिचायक है। माधवराव धरहरा राष्ट्रीय धरोहर है हम वहां किसी धर्म विशेष का नहीं बल्कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति चाहते हैं। इस बाबत कई बार प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी और वाराणसी के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर वहां तिरंगा झंडा फहराने की अनुमति मांगी गयी।
लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिए जाने पर शिवसैनिक स्वयं देश के सम्मान की रक्षा के लिए वहां तिरंगा झंडा फहराएंगे। चाहे तिरंगा फहराने पर गिरफ्तार कर लिया जाये या जलियावाला बाग़ जैसे गोलियां चलवा दी जाये। हम भी अपनी शहादत देने को तैयार हैं।