वाराणसी :हर दिन अस्पतालों की रिपोर्ट दें नोडल अधिकारी, जिलाधिकारी ने बैठक कर दिए निर्देश
डीएम बोले, कई बड़े अस्पतालों में नेबुलाइजर मशीन का किया जा रहा इस्तेमाल, मरीजों में हो रहा सुधार
कहा-बड़े अस्पतालों में कोविड हेल्पडेस्क खुल जाये तो परिजन भी अपने-अपने मरीजों का जाने सकेंगे हाल-चाल
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वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए मरीजों के विभिन्न चिकित्सालयों में भर्ती कराने, समुचित इलाज एवं ऑक्सीजन व्यवस्था हेतु लगाये गये प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस सभागार में बैठक की। उन्होंने प्रत्येक टीम के सदस्यों से अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते कुछ छोटे अस्पतालों में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है तथा प्रत्येक दिन एक नई समस्या उत्पन्न हो रही है। इसलिए यह आवश्यक है कि सभी अधिकारियों अपने-अपने आवंटित अस्पतालों का निरीक्षण कर शाम पांच बजे तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि किन-किन अस्पतालों को कुछ समय के लिए कोविड मरीजों की भर्ती से मना किया जा सके।
रेमडेसिविर इंजेक्शन की अस्पतालों में डिमांड ज्यादा आ रही है इसके लिए यह आवश्यक है कि सप्लाई के सापेक्ष की डिमांड किया जाय। कोई भी अस्पताल इंजेक्शन लिखने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि यह अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कई बड़े अस्पतालों में नेबुलाइजर मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे मरीजों में सुधार है। अत: अस्पतालों को यह बताया जाय कि अपने यहां नेबुलाइजर मशीन का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि बड़े अस्पतालों में यदि कोविड हेल्पडेस्क खुल जाये तो परिजन भी अपने-अपने मरीजों का हाल-चाल जाने सकेंगे।
आप स्वस्थ रहें, यही सबसे बड़ा मंत्र है : पर्यटन मंत्री
उत्तर प्रदेश ठेला पटरी व्यवसाय समिति के माध्यम से शुक्रवार को पर्यटन व धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने ठेला पटरी व्यवसायी जनों से वर्चुअल वार्ता की। उन्होंने कहा, किसी भी सूरत में सतर्कता से समझौता नही करना है। किसी को भी सामग्री बेचते वक्त मास्क व सैनिटाइजर के उपयोग का ख्याल रखें व बिना मास्क वाले व्यक्ति को सामग्री न बेचें। ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए उनके विधायक निधि से जल्द ही कबीरचौरा अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराया जाएगा।
लक्षण आते ही कंट्रोल रूम से करें संपर्क
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि 43 अस्पतालों में मरीजों को मदद करने और मरीज तथा अस्पताल के बीच सेतु बनकर काम करने के लिए जिले के उच्च अधिकारियों की टीमें बनायी गयीं हैं। कोविड के शुरुआती लक्षणों के दिखने पर घरेलु उपचार तुरंत करना चाहिए और कंट्रोल रूम से संपर्क 1077 या अन्य नंबरों पर करना चाहिए। यह कोविड के लिए प्रथम संपर्क के रूप में काम कर रहा है।