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Varanasi News:1008 तांबुल पत्रों से हुआ रामदूत हनुमान का सहस्त्रनाम अर्चन
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राम तारक आंध्रा आश्रम में पहली बार हो रहे श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेक उत्सव का शनिवार को समापन हुआ। समापन पर भगवान के दरबार की झांकी गंगा की लहरों पर सजाई गई। मानसरोवर घाट से क्षेमेश्वर घाट तक जय श्रीराम, जय जय सियाराम... का जयघोष होता रहा। भागीरथी की गोद में सजी श्रीराम दरबार की झांकी निहार कर श्रद्धालु भी पुण्य के भागी बने। 1008 तांबुल पत्रों से हनुमान जी का सहस्त्रनाम अर्चन किया गया।
शनिवार की शाम को पांच बजे श्रीराम तारक आंध्रा आश्रम से राम दरबार के विग्रह को कंधों पर लेकर भक्त गंगा में विशाल बजड़े पर पहुंचे। फूलों से सजे मंच पर राम दरबार की झांकी सजाई गई। हजारों श्रद्धालुओं ने क्षेमेश्वर घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक शोभायात्रा की झांकी के दर्शन किए। वापसी में क्षेमेश्वर घाट पर गंगा पूजन हुआ। यात्रा की अगुवाई आश्रम के प्रबंध न्यासी वीवी सुंदर शास्त्री और संयोजन प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया।
12 दिनों से चल रहे श्रीराम पट्टाभिषेक उत्सव को विश्राम देने से पूर्व उत्सव मंडप में रामदूत हनुमान का 1008 तांबुल पत्रों से सहस्त्रनाम अर्चन कर रामकाज की पूर्णतया में उनकी भूमिका को नमन किया गया। शाम तक आश्रम प्रांगण हनुमान जी के चरणों में अर्पित मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। उत्सव का समापन विग्रह की स्थापना के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण से हुआ। इस अवसर पर आश्रम न्यास के अध्यक्ष पीवीआर शर्मा, न्यासी यूआरके मूर्ति, पूर्णम श्रीनिवास, दी सुब्रमण्यम, पी नरसिम्हन, अनुपम भट्टाचार्य उपस्थित थे।
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शनिवार की शाम को पांच बजे श्रीराम तारक आंध्रा आश्रम से राम दरबार के विग्रह को कंधों पर लेकर भक्त गंगा में विशाल बजड़े पर पहुंचे। फूलों से सजे मंच पर राम दरबार की झांकी सजाई गई। हजारों श्रद्धालुओं ने क्षेमेश्वर घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक शोभायात्रा की झांकी के दर्शन किए। वापसी में क्षेमेश्वर घाट पर गंगा पूजन हुआ। यात्रा की अगुवाई आश्रम के प्रबंध न्यासी वीवी सुंदर शास्त्री और संयोजन प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया।
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12 दिनों से चल रहे श्रीराम पट्टाभिषेक उत्सव को विश्राम देने से पूर्व उत्सव मंडप में रामदूत हनुमान का 1008 तांबुल पत्रों से सहस्त्रनाम अर्चन कर रामकाज की पूर्णतया में उनकी भूमिका को नमन किया गया। शाम तक आश्रम प्रांगण हनुमान जी के चरणों में अर्पित मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। उत्सव का समापन विग्रह की स्थापना के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण से हुआ। इस अवसर पर आश्रम न्यास के अध्यक्ष पीवीआर शर्मा, न्यासी यूआरके मूर्ति, पूर्णम श्रीनिवास, दी सुब्रमण्यम, पी नरसिम्हन, अनुपम भट्टाचार्य उपस्थित थे।
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