Varanasi News: बीएचयू में आरएसएस भवन संचालित करने की मांग पर हुई सुनवाई, अगली तारीख 29 अक्तूबर
बीएचयू परिसर में स्थापित आरएसएस भवन को संचालित करने के मामले में सिविल जज (जूडि) की अदालत में सुनवाई हुई। वादी पक्ष के अनुसार, 1976 में तत्कालीन कुलपति के कार्यकाल में इसे गिरवा दिया गया था।
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Varanasi News: बीएचयू में स्थापित आरएसएस भवन को फिर से संचालित करने और वहां किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न होने देने के संबंध में दाखिल वाद पर सोमवार को सुनवाई हुई।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) शामली मित्तल की अदालत में विचाराधीन इस मुकदमे में वादी प्रमील पांडेय की ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखते हुए न्यायालय को अवगत कराया कि अब तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ओर से वादी या उनके अधिवक्ता को कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 29 अक्तूबर नियत करते हुए बीएचयू प्रशासन को निर्देशित किया कि वादी या उनके अधिवक्ता को जवाबदेही की प्रति उपलब्ध कराई जाए।
यह है पूरा मामला
सुंदरपुर स्थित कौशलेश नगर कॉलोनी निवासी प्रमील पांडेय ने बीएचयू में स्थापित आरएसएस भवन को पुनः संचालित करने और वहां किसी भी प्रकार का अवरोध न होने देने की मांग को लेकर अदालत में वाद दायर किया है। वाद में कहा गया है कि बीएचयू में वर्ष 1931 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा प्रारंभ हुई थी। महामना पं. मदन मोहन मालवीय की पहल पर वर्ष 1937-38 में दो कमरों का एक संघ भवन भी बनवाया गया था।
यह भवन उस समय के प्रति कुलपति राजा ज्वाला प्रसाद के माध्यम से निर्मित कराया गया था। वर्तमान में यह भवन विधि संकाय परिसर में स्थित है और इसे 'संघ स्टेडियम' के नाम से जाना जाता था। इसी बीच, आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान 22 फरवरी 1976 को तत्कालीन कुलपति कालूलाल श्रीमाली के कार्यकाल में इस भवन को रातोंरात ध्वस्त करा दिया गया था।