Varanasi News: शटडाउन लेकर छांटी डालियां, दो आंधी भी नहीं झेल पाए पोल; बिजली निगम की लापरवाही आई सामने
जिले में दो बार आई आंधी से बिजली के खंभे कई जगह गिर गए। इससे आसपास के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने पानी की समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई है।
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बिजली निगम की ओर से पिछले दो महीने से समय-समय पर पेड़ों की डालियां छांटे जाने, ढीले तारों को कसने के लिए शटडाउन लिया जा रहा है। इसके बाद भी दो बार आंधी आने से ही शहर से लेकर गांव तक के बिजली के पोल और तार टूटकर गिर गए।
इससे कई इलाकों में पांच से आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। साथ ही आए दिन फॉल्ट की समस्या भी आ रही है। इससे विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
काशी को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने की घोषणा तो हुई है लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही लोकल फाॅल्ट भी होने लगे हैं। लिहाजा बिजली कटौती की समस्या रोजाना बढ़ती जा रही है।
पिछले दिनों कई जगहों पर तेज आंधी चलने से तार और पोल टूटने के कारण कहीं चार तो कहीं छह घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इधर दो दिन से लोकल फॉल्ट की समस्याएं भी बढ़ गई हैं। 33/11 केवी उपकेंद्र टाउनहाॅल के काशीपुरा फीडर से संबंधित जर्जर तारों को बदलने के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली कटी रही।
पांच घंटे गुल रही बिजली
मंगलवार को 33/11 केवीए वसंत कॉलेज पावर स्टेशन से होने वाली विद्युत आपूर्ति मंगलवार भोर से ही बाधित रही। सुबह पांच बजे पहले ट्रिपिंग और अन्य तकनीकी समस्याओं के चलते बिजली गुल हो गई। इससे राजघाट, प्रह्लाद घाटसमेत कई इलाकों में लोग पानी के लिए भी परेशान हुए।
बिल के लिए लंबी लाइन
बिजली का बिल जमा करने के लिए उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि पिछले दो दिनों से सर्वर ठीक से नहीं चल रहा है जिससे ऑनलाइन पेमेंट में परेशानी हो रही है। मंगलवार को कई मंगलवार को चांदपुर , मंडुवाडीह डीपीएच उपकेंद्रों पर बिल जमा करने के लिए उपभोक्ता परेशान दिखे।
इनकी भी सुनें
शहरी, ग्रामीण इलाकों में जिन जगहों पर तार ढीले या जर्जर हो गए हैं, उनको सही करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा गया है। आंधी के दौरान जहां पोल गिर गए हैं, उसे भी बदलवाया जा रहा है। -अनिल वर्मा, मुख्य अभियंता