फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi News Banarasi shehnai and metal crafts will soon get GI tag

Varanasi: बनारसी शहनाई और धातु शिल्प को जल्द मिलेगा जीआई टैग, चेन्नई भेजे गए आवेदन के दस्तावेज

Wed, 06 Jul 2022 01:36 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 06 Jul 2022 01:36 AM IST
सार

बनारसी शहनाई व धातु शिल्प को भी जीआई टैग मिलेगा। जीआई टैग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चेन्नई भेजे गए आवेदन का दस्तावेजीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। 

विज्ञापन
Varanasi News Banarasi shehnai and metal crafts will soon get GI tag
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने और गुलाबी मीनाकारी के बाद अब बनारसी शहनाई व धातु शिल्प को भी जीआई टैग मिलेगा। बनारसी तबले को भी जीआई में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। तीन माह पूर्व जीआई पंजीकरण का काम पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री आगमन से पहले जीआई टैग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चेन्नई भेजे गए आवेदन का दस्तावेजीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पद्मश्री व जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत के अनुसार, जल्द ही दोनों जीआई उत्पाद में शामिल हो जाएंगे। 

विज्ञापन


डॉ. रजनीकांत ने बताया कि काशी के ढलाई धातु शिल्प का इतिहास बहुत प्राचीन है। प्राचीन काल के सिक्कों से लेकर धातु की छोटी मूर्तियां, पूजा के पात्र, गंगाजली लोटा, कमंडल, सिंहासन, धातु की डलिया सहित बनारसी घंटे और घंटियां काफी प्रसिद्ध हैं। इन उत्पादों को आज भी कसेरा व विश्वकर्मा समुदाय के लोग परंपरागत रूप से हाथ से तैयार कर विदेशों तक भेजते हैं। बनारसी शहनाई के लिए आवेदन भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां फाउंडेशन और बनारस धातु शिल्प ढलाई क्राफ्ट के लिए काशी क्षेत्र मेटल क्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी की पहल पर नाबार्ड लखनऊ के सहयोग से ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के फैसिलिटेशन की ओर से किया गया है। 
विज्ञापन


पूर्वांचल के 13 उत्पादों को मिल चुका है जीआई टैग
वाराणसी सहित पूर्वांचल के कुल 13 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। बनारसी साड़ी, भदोही का कालीन, मिर्जापुर और गाजीपुर का वॉल हैंगिंग, काला नमक चावल, मेटल क्राफ्ट, चुनार बलुआ पत्थर, गुलाबी मीनाकारी, स्टोन शिल्प, ग्लास बीड्स, निजामाबाद आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और प्रयागराज का अमरूद इसमें शामिल हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed