Varanasi News: 16 फोन खोजकर लौटाए, चेहरों पर लौटी मुस्कान, CEIR पोर्टल-सर्विलांस की मदद से मिली सफलता
वाराणसी के रामनगर पुलिस को यह सफलता मिली है। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने यह कार्रवाई की। संबंधित लोगों को थाने बुलाकर फोन को साैंप दिए गए। अपने मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे।
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Varanasi Crime: रामनगर के डोमरी क्षेत्र में नवंबर में कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने आई मंजू देवी का मोबाइल फोन खो गया था। शुक्रवार को रामनगर थाने में पुलिस ने उन्हें मोबाइल फोन लौटाया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।
कहा कि हमने तो सारी उम्मीद छोड़ दी थी। मगर, जब पुलिस ने फोन वापस देने के लिए बुलाया तो मत पूछिए कि कितनी खुशी हुई। मंजू देवी ने कहा कि वाराणसी पुलिस और विशेष रूप से रामनगर थानाध्यक्ष राजू सिंह की आभारी हूं। रामनगर थाने की पुलिस ने छह लाख रुपये के 16 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें संबंधित लोगों को लौटाया।
पुराना रामनगर निवासी गोलू यादव उर्फ कल्लू ने बताया कि तीन माह पहले उनका मोबाइल फोन कहीं गिर गया था। रामनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गोलू का दूध का कारोबार है। फोन खोने के कारण उन्हें परेशानी हुई। वह बहन का फोन इस्तेमाल कर रहे थे।
रामनगर थानाध्यक्ष राजू सिंह ने कहा कि सीईआईआर पोर्टल और सर्विलांस सेल की मदद से सफलता मिली। सटीक लोकेशन और टेक्निकल इनपुट के आधार पर मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। अपील की कि अगर फोन खो जाए तो थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर सेल ने 4.95 लाख रुपये खाते में वापस कराए
कमिश्नरेट की साइबर सेल ने साइबर ठगी के मामले में विश्वेश्वरगंज निवासी शाश्वत के बैंक खाते में चार लाख 95 हजार रुपये वापस कराए। शाश्वत ने साइबर सेल का आभार जताया। डीसीपी वरुणा जोन/क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि तीन अप्रैल को शाश्वत को एक प्रॉपर्टी खरीदने का ऑफर व्हाट्सएप पर मिला था।
ऑफर देने वाले को वह वास्तविक ब्रोकर समझ कर झांसे में आ गए। प्रॉपर्टी खरीदने के चक्कर में 4.95 लाख की साइबर ठगी हो गई। जब शाश्वत को पता लगा तो उन्होंने कमिश्नरेट की साइबर सेल से संपर्क किया।
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार तिवारी और उनकी टीम ने पैसे के ट्रांजेक्शन से संबंधित बैंकों व मर्चेंट से संपर्क कर 4.95 लाख होल्ड करा दिए। 16 अप्रैल को पूरे पैसे वापस आ गए। डीसीपी प्रमोद कुमार ने अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर www.cybercrime.gov.in या 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।