Varanasi News : गंगा के तट पर सजेगी संगीत-साहित्य की संध्या, महिंद्रा-कबीरा फेस्टिवल 13 दिसंबर से
Varanasi News : महिंद्रा-कबीरा फेस्टिवल को लेकर घाट किनारे आकर्षक कार्यक्रम होते हैं। इसमें जाने-माने कलाकार प्रतिभाग करते हैं। संगीत कार्यक्रम में दिल्ली का फ्यूजन बैंड, मधुप मुद्गल और सावनी मुद्गल की कबीर बानी, थाइक्कुदम ब्रिज लोक प्रस्तुति देंगे।
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महिंद्रा-कबीरा फेस्टिवल का आठवां संस्करण 13 से 15 दिसंबर तक होगा। तीन दिवसीय उत्सव में संगीत, साहित्य और आध्यात्मिकता का एक साथ दर्शन होगा। देश भर से नामचीन कलाकार उत्सव में संत कबीर के ज्ञान को अपने हुनर से लोगों के सामने विभिन्न विधाओं से प्रस्तुत करेंगे।
आयोजक मंडल से जुड़े जय शाह ने बताया कि आठवें महिंद्रा कबीरा तीन दिवसीय फेस्टिवल में गंगा के तट पर भव्य गंगा आरती होगी। कर्नाटक संगीत, शास्त्रीय, सूफी, इंडी फ्यूजन और लोक संगीत सहित विभिन्न शैलियों के संगीतकार अपने प्रदर्शन से समां बांधेंगे। साहित्य सत्र में कबीर के जीवन, दर्शन और कविता पर गहन चर्चा होगी।
धरोहर सैर में शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। उद्घाटन समारोह की शुरुआत कर्नाटक चौकड़ी (कर्नाटिक क्वार्टेट) से होगी। गायिका और वादक युसरा नकवी और सितार वादक देवब्रत मिश्रा प्रस्तुति देंगे। शाम के संगीत कार्यक्रम में दिल्ली का फ्यूजन बैंड, मधुप मुद्गल और सावनी मुद्गल की कबीर बानी, थाइक्कुदम ब्रिज लोक प्रस्तुति देंगे।
नमो घाट पर तेलंगाना के कलाकारों ने किया कुचिपुड़ी नृत्य
काशी विरासत संरक्षण समिति की ओर से आयोजित काशी वंदन सांस्कृतिक संध्या में तेलंगाना से आए कलाकारों ने कार्यक्रम पेश किया। कलाकारों ने कुचिपुड़ी नृत्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने गणपति नित्यम, ब्रह्मा अंजलि, हो शंभो आला सहित दक्षिण भारतीय नृत्य प्रस्तुत किए। गुरु कलाकार जीएस वासु कात्यानी, वैष्णवी दीक्षित, एम साईं प्रणवी ने बारी-बारी से नृत्य का प्रदर्शन किया और देवी स्वरूपों का मंचन किया। कार्यक्रम के संयोजक अंशुमान महाराज ने कलाकारों का स्वागत एवं धन्यवाद दिया।
रुद्र महायज्ञ के लिए हुआ ध्वजारोहण
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव के पास गंगातट पर 24वां नौ दिवसीय सतचंडी महायज्ञ का बुधवार को ध्वजारोहण से शुभारंभ हुआ। मार्कंडेय महादेव के पुजारी और कार्यक्रम के संयोजक विनोद गिरी ने बताया कि कथा तीन दिसंबर से शुरू है, यह 20 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर दो से शाम पांच बजे तक होगी। चार मार्च को जागरण व भंडारा होगा। ध्वजारोहण में डॉ. वीर बहादुर सिंह अन्नू, सुभाष चंद्र सिंह, अजय गोयल, श्यामू महराज, प्रेमदास महाराज आदि रहे।