फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi Municipal Corporation will not be charge from panda community for Cultural rituals social events on ganga ghat said neelkanth tiwari

बैकफुट पर प्रशासन: गंगा घाट पर कर्मकांड कराने वाले पंडा समाज से नहीं लिया जाएगा शुल्क- नीलकंठ तिवारी

Thu, 23 Jul 2020 06:11 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 23 Jul 2020 06:11 PM IST
विज्ञापन
Varanasi Municipal Corporation will not be charge from panda community for Cultural rituals social events on ganga ghat said neelkanth tiwari
राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी - फोटो : amar ujala

गंगा घाट पर धार्मिक अनुष्ठान पर टैक्स का विरोध शुरू होते ही प्रशासन भी बैकफुट पर आ गया है। वाराणसी नगर निगम द्वारा गंगा घाट पर परंपरागत तरीके से पूजा पाठ, धार्मिक कार्य एवं कर्मकांड कराने वाले पंडा समाज को शुल्क देने के मामले में राहत मिल गई है।

विज्ञापन

धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने कहा है कि उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मंत्री ने नगर निगम की घोषणा के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर एवं नगर आयुक्त से बात की।
विज्ञापन



उन्होंने स्पष्ट किया है कि गंगा के घाटों पर परंपरागत तरीके से पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य एवं कर्मकांड कराने वाले पंडा समाज के लोग अपनी इच्छानुसार रजिस्ट्रेशन कराएं अन्यथा इसके लिए भी कोई बाध्यता नहीं होगी। राज्य मंत्री ने कहा है कि गंगा के घाटों पर परंपरागत तरीके से पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य एवं कर्मकांड कराने वाले पंडा समाज को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, उनसे कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब है कि गंगा घाटों पर गंगा आरती के लिए आयोजकों से सालाना और गंगा घाटों पर परंपरागत तरीके से पूजा पाठ कराने, धार्मिक कार्य एवं कर्मकांड कराने वाले तीर्थ पुरोहित और ब्राह्मïणों से नगर निगम द्वारा शुल्क लिए जाने की घोषणा की गई थी। इसका संज्ञान लेते हुए राज्य मंत्री ने कमिश्नर दीपक अग्रवाल एवं नगर आयुक्त गौरांग राठी से फोन पर बातचीत कर इसे अव्यवहारिक बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाए जाने को कहा है।

मंत्री ने कहा कि काशी एक धार्मिक नगरी है, पूरी दुनिया से लोग यहां पर आकर गंगा के घाटों पर पूजन पाठ एवं धार्मिक कार्य के साथ-साथ कर्मकांड कराते हैं। ऐसी स्थिति में पंडो से शुल्क लिया जाना कतई व्यवहारिक नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed