{"_id":"5a2fb10d4f1c1bc1678c1220","slug":"varanasi-mayor-take-oath-today","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसीः शहर की नई सरकार ने संभाली कमान, नवनिर्वाचित महापौर मृदुला जायसवाल ने संस्कृत में ली शपथ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसीः शहर की नई सरकार ने संभाली कमान, नवनिर्वाचित महापौर मृदुला जायसवाल ने संस्कृत में ली शपथ
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 12 Dec 2017 09:36 PM IST
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मृदुला जायसवाल
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर और शहर की प्रथम नागरिक के रूप में मृदुला जायसवाल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नगर निगम कार्यालय के सामने स्थित शहीद उद्यान पार्क में सुसज्जित मंच से मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने उन्हें संस्कृत में शपथ दिलाई।
करीब 11 बजकर 40 मिनट पर महापौर और मंडलायुक्त मंच पर पहुंचे। उन्होंने देवभाषा संस्कृत में शपथ ग्रहण किया। इससे पहले नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने अधिसूचना गठन को पढ़ा और नगर निगम की परंपरा के अनुरूप महापौर को गदा भेंट की।
उन्होंने महापौर और अतिथियों को बुकें देकर स्वागत किया। संचालन उप नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह ने किया। शपथ ग्रहण के दौरान हरहर महादेव का नारा गूंजता रहा। नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोगों ने खूब ठुमके लगाए और खुशी का जश्न मनाया।
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इसके बाद महापौर मृदुला जायसवाल ने चुने गए 88 पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान सलेमपुरा की पार्षद साजिया खान किन्हीं कारणों से अनुपस्थित रही। इन्हें बाद में शपथ दिलाई जाएगी।
इस मौके पर पद्मभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, पूर्व विधायक श्यामदेव राय चौधरी दादा, पूर्व महापौर राम गोपाल मोहले, कौशलेंद्र सिंह, विधायक रवींद्र जायसवाल, सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व विधायक अजय राय, सपा नेता मनोज राय धूपचंडी, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि मौजूद रहे।
मेयर के बगल में उनके पति राधाकृष्ण के बैठने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया। जिला कांग्रेस जनआंदोलन के पूर्व प्रभारी अनिल श्रीवास्तव अन्नू ने कहा कि पूत के लक्षण पालने में ही दिख गए।
जब शपथ ग्रहण समारोह में मेयर पति को सम्मानित मंच पर जगह मिल गई तो यह बात भी अब आसानी से समझी जा सकती है कि उनका प्रशासनिक हस्तक्षेप कितना होगा।
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करीब 11 बजकर 40 मिनट पर महापौर और मंडलायुक्त मंच पर पहुंचे। उन्होंने देवभाषा संस्कृत में शपथ ग्रहण किया। इससे पहले नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने अधिसूचना गठन को पढ़ा और नगर निगम की परंपरा के अनुरूप महापौर को गदा भेंट की।
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उन्होंने महापौर और अतिथियों को बुकें देकर स्वागत किया। संचालन उप नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह ने किया। शपथ ग्रहण के दौरान हरहर महादेव का नारा गूंजता रहा। नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोगों ने खूब ठुमके लगाए और खुशी का जश्न मनाया।
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इसके बाद महापौर मृदुला जायसवाल ने चुने गए 88 पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान सलेमपुरा की पार्षद साजिया खान किन्हीं कारणों से अनुपस्थित रही। इन्हें बाद में शपथ दिलाई जाएगी।
इस मौके पर पद्मभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, पूर्व विधायक श्यामदेव राय चौधरी दादा, पूर्व महापौर राम गोपाल मोहले, कौशलेंद्र सिंह, विधायक रवींद्र जायसवाल, सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व विधायक अजय राय, सपा नेता मनोज राय धूपचंडी, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि मौजूद रहे।
मेयर के बगल में उनके पति राधाकृष्ण के बैठने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया। जिला कांग्रेस जनआंदोलन के पूर्व प्रभारी अनिल श्रीवास्तव अन्नू ने कहा कि पूत के लक्षण पालने में ही दिख गए।
जब शपथ ग्रहण समारोह में मेयर पति को सम्मानित मंच पर जगह मिल गई तो यह बात भी अब आसानी से समझी जा सकती है कि उनका प्रशासनिक हस्तक्षेप कितना होगा।
पहली बार पार्षद फिर दूसरी बार ली मेयर की शपथ
नवनिवार्चित महापौर मृद़ुला जायसवाल को गदा भेंट करते नगर आयुक्त
- फोटो : अमर उजाला
मृदुला जायसवाल ने संस्कृत में पहली बार पार्षद और दूसरी बार मेयर की शपथ ली। दरअसल पहली बार जो कागज महापौर को नगर निगम ने दिया था वह पार्षदों को शपथ दिलाने के लिए रखा गया था। उस दौरान गाउन भी नहीं पहनी थी।
संवैधानिकता की जानकारी के बाद तत्काल वापस चले गए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण को बुलाया गया। दूसरी बार कमिश्नर ने मेयर पद की शपथ दिलाई। इस दौरान महापौर गाउन भी पहनी थी। मेयर के दूसरी बार शपथ लेने के बाद कांग्रेस पार्षदों ने सवाल खड़े किए।
कांग्रेस के पार्षद सीताराम केशरी और पूर्व पार्षद गोविंद शर्मा ने कहा कि दूसरी बार शपथ लेना असंवैधानिक है। मेयर को संविधान का ध्यान रखना चाहिए। महापौर ने अभिजीत मुहूर्त में शपथ ली।
मंच पर चढ़ने से पहले हनुमान घाट के आचार्य के वेंकटरमण घनपाठी की देखरेख में 11 ब्राह्मणों ने शंखनाद वेदपाठ, भाग्य सूक्त मंत्रोच्चार किया। घनपाठी ने बताया कि दिन में 11:30 बजे से लेकर 12:30 तक अभिजीत मुहूर्त है।
इस दौरान जो भी कार्य होंगे उसमें विजय होना निश्चित है। शंख से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। भाग्य सूक्त मंत्र से भाग्य उज्जवल होगा। इसी नाते महापौर ने 11:52 बजे शपथ ली।
संवैधानिकता की जानकारी के बाद तत्काल वापस चले गए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण को बुलाया गया। दूसरी बार कमिश्नर ने मेयर पद की शपथ दिलाई। इस दौरान महापौर गाउन भी पहनी थी। मेयर के दूसरी बार शपथ लेने के बाद कांग्रेस पार्षदों ने सवाल खड़े किए।
कांग्रेस के पार्षद सीताराम केशरी और पूर्व पार्षद गोविंद शर्मा ने कहा कि दूसरी बार शपथ लेना असंवैधानिक है। मेयर को संविधान का ध्यान रखना चाहिए। महापौर ने अभिजीत मुहूर्त में शपथ ली।
मंच पर चढ़ने से पहले हनुमान घाट के आचार्य के वेंकटरमण घनपाठी की देखरेख में 11 ब्राह्मणों ने शंखनाद वेदपाठ, भाग्य सूक्त मंत्रोच्चार किया। घनपाठी ने बताया कि दिन में 11:30 बजे से लेकर 12:30 तक अभिजीत मुहूर्त है।
इस दौरान जो भी कार्य होंगे उसमें विजय होना निश्चित है। शंख से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। भाग्य सूक्त मंत्र से भाग्य उज्जवल होगा। इसी नाते महापौर ने 11:52 बजे शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह से दिग्गजों की दूरी बनी चर्चा का विषय
शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित शहर के गणमान्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
महापौर के शपथ ग्रहण समारोह से भाजपा के दिग्गज नेताओं की दूरी चर्चा का विषय रही। पहले इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी और प्रदेश के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आने की योजना थी लेकिन दोनों नहीं आ पाए।
यही नहीं पड़ोस के जिले चंदौली में प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय थे लेकिन वे भी यहां नहीं आ सके। पार्टी सूत्रों की मानें तो हाईकमान की टेढ़ी नजर से बचने के लिए ऐसा किया गया है। यहां चल रहे शपथ समारोह की पल पल खबर ले रहे थे लेकिन आने से बचे।
बड़े नेताओं के नहीं आने के बाद कार्यक्रम स्थल पर विपक्षी पार्टी के नेता आपस में चर्चा करने लगे। बड़े नेताओं के नहीं आने पर कार्यक्रम में रस्म अदायगी हुई।
सुबह से कई लोग बड़े नेताओं और मंत्रियों को ज्ञापन देने के लिए बैठे थे लेकिन जब बड़े नेता और मंत्री नहीं आए तो महापौर को ही ज्ञापन देकर चले गए। कार्यक्रम में नगर निगम की तीनों विधानसभाओं के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इनके अलावा भाजपा की पूरी टीम रही। इस बारे में महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। इस नाते लोग नहीं आए। यहां प्रदेश की ओर से राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी रहे।
शपथ ग्रहण के बाद सदन के लिए भाजपा सभासद दल के नेता की तलाश शुरू हो गई है। चर्चा है कि पार्टी के सीनियर पार्षद को सभासद दल का नेता बनाया जाता है।
फिलहाल भाजपा में सीनियर पार्षदों में नरसिंह दास बाबा और डा. राजेश जायसवाल हैं। इस बारे में महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि अभी इस संगठन विचार कर रही है। जल्द ही भाजपा सभासद दल के नेता की घोषणा की जाएगी।
यही नहीं पड़ोस के जिले चंदौली में प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय थे लेकिन वे भी यहां नहीं आ सके। पार्टी सूत्रों की मानें तो हाईकमान की टेढ़ी नजर से बचने के लिए ऐसा किया गया है। यहां चल रहे शपथ समारोह की पल पल खबर ले रहे थे लेकिन आने से बचे।
बड़े नेताओं के नहीं आने के बाद कार्यक्रम स्थल पर विपक्षी पार्टी के नेता आपस में चर्चा करने लगे। बड़े नेताओं के नहीं आने पर कार्यक्रम में रस्म अदायगी हुई।
सुबह से कई लोग बड़े नेताओं और मंत्रियों को ज्ञापन देने के लिए बैठे थे लेकिन जब बड़े नेता और मंत्री नहीं आए तो महापौर को ही ज्ञापन देकर चले गए। कार्यक्रम में नगर निगम की तीनों विधानसभाओं के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इनके अलावा भाजपा की पूरी टीम रही। इस बारे में महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। इस नाते लोग नहीं आए। यहां प्रदेश की ओर से राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी रहे।
शपथ ग्रहण के बाद सदन के लिए भाजपा सभासद दल के नेता की तलाश शुरू हो गई है। चर्चा है कि पार्टी के सीनियर पार्षद को सभासद दल का नेता बनाया जाता है।
फिलहाल भाजपा में सीनियर पार्षदों में नरसिंह दास बाबा और डा. राजेश जायसवाल हैं। इस बारे में महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि अभी इस संगठन विचार कर रही है। जल्द ही भाजपा सभासद दल के नेता की घोषणा की जाएगी।
निगम के मुख्य द्वार को प्रणाम कर कार्यभार संभाला
शपथ लेते सभासद
- फोटो : अमर उजाला
शपथ ग्रहण समारोह समाप्त होने के बाद महापौर शहीद उद्यान से नगर निगम स्थित अपने कार्यालय पहुंची। प्रवेश करने के साथ ही मेयर ने नगर निगम के मुख्य द्वार को प्रणाम किया। इसके बाद अपने कार्यालय में कार्यभार संभाला।
शपथ के बाद पहले संबोधन में मेयर ने काशीवासियों, पार्षदों का स्वागत करते हुए अपने ससुर व तीन बार के सांसद स्व. शंकर प्रसाद जायसवाल के कार्यों के सेवा भाव के प्रति आभार जताया।
आध्यात्मिक सांस्कृतिक राजधानी काशी को स्वच्छ सुंदर विकसित करने के लिए पीएम और सीएम ने जो रास्ता दिखाया है उसे पूरा करने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की।
पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के नाते देश का सर्वोत्तम नगर निगम बनाने में सभी पार्टी के जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। साथ ही पूरा सहयोग करने का वायदा किया। कार्यकारिणी कक्ष में पत्रकारों से हुई बातचीत में मेयर मृदुला जायसवाल ने कहा कि स्वच्छता के लिए बेहतर काम होंगे।
जरूरत के अनुसार सफाई कर्मियों की भर्ती भी होगी। एक सवाल पर मेयर ने कहा कि सदन की शुरुआत वंदेमातरम और भारतमाता की जय से होगी। जो लोग नहीं बोलेंगे उन पर क्या कार्रवाई होगी इस सवाल पर उन्होंने कहा कि समझाया जाएगा।
टूटने के चलते सदन कहां चलेगा का सवाल उन्होंने नगर आयुक्त की ओर उछाल दिया। नगर आयुक्त डा. नितिन बंसल ने कहा कि संकुल के अलावा और भी विकल्प देखे जा रहे हैं। जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।
शपथ के बाद पहले संबोधन में मेयर ने काशीवासियों, पार्षदों का स्वागत करते हुए अपने ससुर व तीन बार के सांसद स्व. शंकर प्रसाद जायसवाल के कार्यों के सेवा भाव के प्रति आभार जताया।
आध्यात्मिक सांस्कृतिक राजधानी काशी को स्वच्छ सुंदर विकसित करने के लिए पीएम और सीएम ने जो रास्ता दिखाया है उसे पूरा करने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की।
पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के नाते देश का सर्वोत्तम नगर निगम बनाने में सभी पार्टी के जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। साथ ही पूरा सहयोग करने का वायदा किया। कार्यकारिणी कक्ष में पत्रकारों से हुई बातचीत में मेयर मृदुला जायसवाल ने कहा कि स्वच्छता के लिए बेहतर काम होंगे।
जरूरत के अनुसार सफाई कर्मियों की भर्ती भी होगी। एक सवाल पर मेयर ने कहा कि सदन की शुरुआत वंदेमातरम और भारतमाता की जय से होगी। जो लोग नहीं बोलेंगे उन पर क्या कार्रवाई होगी इस सवाल पर उन्होंने कहा कि समझाया जाएगा।
टूटने के चलते सदन कहां चलेगा का सवाल उन्होंने नगर आयुक्त की ओर उछाल दिया। नगर आयुक्त डा. नितिन बंसल ने कहा कि संकुल के अलावा और भी विकल्प देखे जा रहे हैं। जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।