वाराणसी : जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू, पार्टियों के जीत के दावे और हकीकत में काफी अंतर
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वाराणसी में जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम जारी होने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। उधर जीतने वाले 11 निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा और सपा नेताओं के संपर्क में हैं। कईयों ने पार्टियों को समर्थन देने के साथ पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है।
यहां तक कि कई जीते उम्मीदवार के पति बड़े नेताओं के संपर्क में लखनऊ रवाना हो गए हैं। क्योंकि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। इसलिए भाजपा और सपा में जीती हुई ओबीसी महिला के पति लामबंदी में जुट गए हैं। लामबंदी में जुटे पार्टी के नेता निर्दलीयों को अपने पाले में करने में लगे हैं। यही कारण है कि कई निर्दल जीतने के बाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। साथ ही पार्टी उन्हें अपने खाते में जोड़कर अपनी संख्या बढ़ाकर दिखा रही है।
भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा का दावा है कि भाजपा समर्थित 16 लोग जीते हैं। हमारी पार्टी ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीतेगी। सपा के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने दावा किया कि उनकी पार्टी के 15 प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा का प्रत्याशी जीतेगा। बसपा के जिला अध्यक्ष नवीन भारत का दावा है कि उनकी पार्टी के चार प्रत्याशी जीते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री अजय राय का दावा है कि उनकी पार्टी के समर्थित 5 प्रत्याशी जीते हैं। अपना दल एस के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह पटेल का दावा है कि उनकी पार्टी के तीन लोग जीते हैं। सुभासपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शशि प्रताप सिंह ने दावा किया कि उनकी पार्टी के दोनों प्रत्याशी जीते हैं। अपना दल के मंडल अध्यक्ष राजेश पटेल ने दावा किया कि उनकी पार्टी के तीन प्रत्याशी जीते हैं।
दलगत सीट की स्थिति
भाजपा- 7
सपा-10
बसपा-3
कांग्रेस-1
सुभासपा- 2
अपना दल-3
अपना दल (कृष्णा गुट)-1
निर्दल-11