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Varanasi Lok Sabha Election: पीएम के संसदीय सीट पर चुनावी खर्च की कितनी होगी सीमा, 121 समितियां करेंगी निगरानी
Mon, 18 Mar 2024 09:22 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 18 Mar 2024 09:22 AM IST
सार
Lok Sabha Election In Varanasi : लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही वाराणसी में आचार संहिता के नियमों की मॉनीटरिंग के लिए टीम गठित कर दी गई है। चुनाव प्रचार के खर्च की राशि पर सहायक व्यय प्रेक्षक और व्यय अनुवीक्षण नियंत्रण भी नजर रखेंगे। प्रत्याशी और प्रशासन दोनों रजिस्टर में खर्च का ब्योरा दर्ज करेंगे।
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PM Modi
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी अधिकतम 95 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर सकते हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आचार संहिता का पालन कराने और चुनावी खर्च की निगरानी करने के लिए जिले में 121 टीमों का गठन किया गया है।
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लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही आचार संहिता के नियमों की मॉनीटरिंग के लिए आठ मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट टीम (एमसीसी) मुख्यालय और विधानसभा स्तर पर सक्रिय हो गई हैं। इसके अलावा 24-24 उड़नदस्ता और स्थायी निगरानी टीमें, 24 वीडियो निगरानी टीमें, आठ सहायक व्यय प्रेक्षक, 16 वीडियो अवलोकन टीमें, 24 लेखा टीमें, एक मीडिया प्रमाणन टीम के साथ ही एक व्यय अनुवीक्षण नियंत्रण एवं कॉल सेंटर की स्थापना की गई है। ये टीमें प्रत्याशियों के चुनाव खर्च से लेकर आचार संहिता उल्लंघन की हर गतिविधि पर नजर रखेंगी।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी दयाशंकर उपाध्याय के मुताबिक प्रत्याशियों को एक रजिस्टर दिया जाएगा, जिसमें वे चुनाव खर्च का विवरण दर्ज करेंगे। प्रत्याशियों के खर्च का विवरण दर्ज करने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय भी एक रजिस्टर मेंटेन करेगा। बाद में दोनों रजिस्टरों का मिलान किया जाएगा। वीडियो निगरानी और अन्य टीमें भी उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखेंगी।
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प्रचार वाहनों के लिए लेनी होगी अनुमति
चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशियों को वाहनों की अनुमति रिटर्निंग ऑफिसर से लेनी होगी। आरओ इस बात की अनुमति जारी करेंगे कि कौन प्रत्याशी कितने वाहनों का इस्तेमाल प्रचार में कर सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, नगर निगम, जिला पंचायत की संपत्तियों और भवनों पर प्रचार के लिए बैनर-पोस्टर चिपकाना प्रतिबंधित हो गया है। दीवारों पर बैनर पोस्टर मिले तो आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।