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वाराणसी फ्लाईओवर हादसाः मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम के छलके आंसू, CM योगी की भी आने की सूचना

Wed, 16 May 2018 10:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 16 May 2018 10:48 AM IST
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varanasi flyover collapse keshav prasad mourya came hospital
वाराणसी में मंगलवार शाम हुए फ्लाईओवर हादसे के बाद यूपी सरकार एक्शन में आ गई। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आननफानन में वाराणसी पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी वाराणसी पहुंचने की सूचना है।
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बता दें कि वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास फ्लाईओवर बीम के नीचे एक महानगर सेवा की बस सहित एक दर्जन वाहन दब गए। रात नौ बजे तक 18 लोगों के मरने की खबर है। 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बीम के नीचे दबे वाहनों को गैस कटर से काट कर सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने 16 शव और छह घायलों को बाहर निकाल लिया है।
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घायलों का बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर सहित शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शहर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी पहुंचने की सूचना है।  
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राहत एवं बचाव कार्य अब भी जारी है। स्लैब गिरने से आधा दर्जन से ज्यादा वाहन दब गए। घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम हादसे को दर्दनाक बताते हए कहा कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पत्रकारों से बात करते हुए डिप्टी सीएम के आंखों से आंसू आ गए। कहा कि पहले घायलों को बचाया जाए उसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फ्लाईओवर हादसे के बाद घायलों एवं पीड़ितों की मदद के लिए वाराणसी संसदीय कार्यालय अनवरत कार्यरत है। 



 

अचानक हुआ तेज धमाका, और मच गई चीख पुकार

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वाराणसी कैंट-लहरतारा मार्ग पर एईएन कॉलोनी के सामने शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान सड़क की दाईं लेन पर पिलर के ऊपर रखी 50-50 फीट लंबी दो बीम तेज धमाके और धूल के गुबार के साथ सड़क पर गिर पड़ीं।

तेज धमाका सुनकर वसुंधरा और एईएन कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर निकल कर भागे। राहगीरों में भी भगदड़ मच गई। हादसे के लगभग आधा घंटे बाद पुलिस पहुंची और तकरीबन डेढ़ घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।

जिन बीम के नीचे वाहन दबे थे, उसे हटाने के लिए एक-एक कर नौ क्रेन आईं लेकिन उठा नहीं सकीं। सभी नौ क्रेन की मदद से बीम को हल्का सा उठाया गया तो दो ऑटो, दो बोलेरो, एक कार और एक अप्पे को बाहर निकाल कर महानगर बस को खींचा गया। 

इस दौरान देरी से राहत और बचाव कार्य शुरू होने के कारण भीड़ में मौजूद लोगों ने पुलिस-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से नोकझोंक हुई। हादसे के बाद इंग्लिशिया लाइन और लहरतारा चौराहे के बीच वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

सेतु निगम ले आता जेसीबी तो बच जाती कई की जान
हादसे के बाद फ्लाईओवर निर्माण कार्य से जुड़े लोग मौके से भाग निकले। दरअसल, कई हजार टन वजनी बीम को सेतु निगम कंप्रेशर वाली भारी क्षमता की जेसीबी से उठवा कर पिलर पर रखवाता है। मगर, हादसे के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने अपनी जेसीबी नहीं मंगवाई और राहत-बचाव कार्य शुरू होने में ही घंटों लग गए।

....तो होती ज्यादा लोगों की मौत

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 गनीमत रही कि सिटी बस में ज्यादा यात्री नही थे वरना मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती थी। सिटी बस का दो तिहाई हिस्सा बीम गिरने के चलते बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी चपेट में जो भी आया उसकी मौत हो गई। बस की ज्यादातर सीटें खाली थी। बस के आगे का हिस्सा सुरक्षित होने के कारण अहिरौरा निवासी चालक अशर्फुद्दीन, परिचालक हेमंत नाथ पांडेय इस घटना में बाल-बाल बच गए। उन्होंने बचे यात्रियों को आगे से खींचकर बाहर निकाला

तमाशबीनों के चलते बार-बार प्रभावित हुआ राहत कार्य
 तमाशबीनों के चलते कई बार राहत कार्य प्रभावित हुआ। घटनास्थल पर बार-बार लोग जमा हो जाते और फोटो, वीडियो बनाने लगते। पुलिस उन्हें हटाती तो वह दूसरी तरफ से फिर से वहीं आ जाते। कहीं बचाव कार्य के चलते तमाशबीन घायल न हो जाए इसके चलते कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

जब लोगों को वहां से हटाया गया तो बड़ी संख्या में तमाशबीन रेलवे कॉलोनियों की छत पर चढ़ गए। कॉलोनी के कमरे पुराने होने की वजह से प्रशासन को यह डर सताने लगा कि कहीं दूसरा हादसा न हो जाए। इसके चलते कई बार दिक्कतें आईं।
 
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