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वाराणसी फ्लाईओवरः ढाई साल में काम हुआ 38 फीसदी, रिपोर्ट में बताया 58 प्रतिशत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 01 Jun 2018 04:47 PM IST
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पहले चरण का काम दिसंबर 2019 तक पूरा होने की प्रबल संभावना
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के बाद जब एक-एक बिंदू की पड़ताल शुरू हुई तो परत दर परत चीजें खुलती चली गईं। जिस फ्लाईओवर के निर्माण के प्रगति की रिपोर्ट सेतु निगम ने अप्रैल माह में 58 प्रतिशत भेजा था।
उसकी मई में वास्तविक प्रगति रिपोर्ट 38 फीसदी ही है। निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2018 दिया गया है। निर्धारित तारीख तक पूरा होने में संशय है। इंजीनियरों की मानें ढाई साल में जब 38 प्रतिशत काम हुआ तो बाकी बचे 62 प्रतिशत काम को जल्द से जल्द पूरा कराने में भी ढाई साल का समय लग जाएगा।
इस हिसाब से यह योजना दिसंबर 2020 में पूरी होगी। सवाल उठता है कि आखिर किस बात का दबाव सेतु निगम के अधिकारियों पर था कि उन्होंने गलत रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है। इसी हड़बड़ी में कहीं बीम को रखने में अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा 15 लोगों को जान देकर चुकानी पड़ी।
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पहले इसकी लागत 77 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 129 करोड़ हो गई है। पहले चरण में रोडवेज बस अड्डा से कैंसर अस्पताल तक निर्माण होगा। यह काम दिसंबर 2019 तक पूरा होने की संभावना है।
इसके बाद दूसरे चरण का काम कैंट तिराहे से काशी विद्यापीठ की ओर होगा। यह कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इस बारे में कुछ भी बोलने से सेतु निगम के अधिकारी कतरा रहे हैं लेकिन लखनऊ को भेजी गई रिपोर्ट में सेतु निगम ने इसका जिक्र किया है।
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उसकी मई में वास्तविक प्रगति रिपोर्ट 38 फीसदी ही है। निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2018 दिया गया है। निर्धारित तारीख तक पूरा होने में संशय है। इंजीनियरों की मानें ढाई साल में जब 38 प्रतिशत काम हुआ तो बाकी बचे 62 प्रतिशत काम को जल्द से जल्द पूरा कराने में भी ढाई साल का समय लग जाएगा।
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इस हिसाब से यह योजना दिसंबर 2020 में पूरी होगी। सवाल उठता है कि आखिर किस बात का दबाव सेतु निगम के अधिकारियों पर था कि उन्होंने गलत रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है। इसी हड़बड़ी में कहीं बीम को रखने में अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा 15 लोगों को जान देकर चुकानी पड़ी।
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पहले इसकी लागत 77 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 129 करोड़ हो गई है। पहले चरण में रोडवेज बस अड्डा से कैंसर अस्पताल तक निर्माण होगा। यह काम दिसंबर 2019 तक पूरा होने की संभावना है।
इसके बाद दूसरे चरण का काम कैंट तिराहे से काशी विद्यापीठ की ओर होगा। यह कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इस बारे में कुछ भी बोलने से सेतु निगम के अधिकारी कतरा रहे हैं लेकिन लखनऊ को भेजी गई रिपोर्ट में सेतु निगम ने इसका जिक्र किया है।
रेलवे की दीवार पीछे करने को डीएम ने कहा
डीएम
- फोटो : अमर उजाला
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने चौकाघाट फ्लाईओवर के आस पास लग रही दुकानों, स्टैंडों को सुरक्षा कारणों से वहां से हटवाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने निर्देश दिया।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने चौकाघाट फ्लाईओवर का निरीक्षण कर सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि सुरक्षा मानकों के साथ निर्माण कार्य शुरू कराएं। अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर निगम को निर्देश दिया।
रेलवे से बातचीत कर दीवार को पीछे कराएं। ट्रैफिक प्लान के लिए एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत को निर्देश दिया। इस दौरान एसएसपी आरके भारद्वाज भी मौजूद रहे।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने चौकाघाट फ्लाईओवर का निरीक्षण कर सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि सुरक्षा मानकों के साथ निर्माण कार्य शुरू कराएं। अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर निगम को निर्देश दिया।
रेलवे से बातचीत कर दीवार को पीछे कराएं। ट्रैफिक प्लान के लिए एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत को निर्देश दिया। इस दौरान एसएसपी आरके भारद्वाज भी मौजूद रहे।