दिवाली से पहले निकला पटाखा कारोबारियों का दिवाला, बोले-हम तो टैक्स देकर खरीदे थे, कुछ तो हमारा भी सोचें
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हम तो टैक्स देकर पटाखा खरीदे थे, अब हम क्या करें। सरकार को हमारे लाखों रुपये के नुकसान के बारे में भी सोचना चाहिए। बीच का कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए कि इस कोरोना काल में हम भी जी-खा सकें। ये बातें वाराणसी के पटाखा कारोबारी दिलीप मोटवानी ने एनजीटी न्यायालय के निर्देश को लेकर बुधवार को कहीं। दिलीप ने कहा कि हमें तो कोई रास्ता ही नहीं सूझ रहा है कि अब हम कैसे अपने नुकसान की भरपाई करेंगे।
दिवाली के समय जिले में एक हजार से ज्यादा लोग बड़े और छोटे पैमाने पर पटाखा बेंचने का काम करते हैं। अस्थायी लाइसेंस लेकर पटाखा बेंचने वाले यह सपना सजोए रहते हैं कि तीन दिन में उनकी अच्छी कमाई हो जाएगी। इनमें से कई लोग ऐसे हैं जो लॉकडाउन से अब तक उबर नहीं पाए तो कर्ज लेकर पटाखा खरीदे थे।
हालांकि दिवाली से पहले पटाखा की बिक्री पर लगे प्रतिबंध ने कारोबारियों का दिवाला निकाल दिया है। आसिफ, कैफी फुटकर, अभिषेक फुटकर, संदीप आदि ने बुधवार को बताया कि प्रदेश के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है। उम्मीद है कि हम लोगों के हित की भी बात सोचकर सरकार कुछ राहत देगी।
समझाया जा रहा, निर्देश न मानने पर होगी कार्रवाई
वाराणसी में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध के लिए पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। अधिकारियों का कहना है कि पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों को एनजीटी न्यायालय के निर्देशों के बारे में बताकर बिक्री न करने के लिए समझाया गया है। इसके बाद भी जो कोई पटाखों की बिक्री करेगा और चेकिंग में पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी न्यायालय के निर्देश पर आगामी 30 नवंबर की रात तक जिले में पटाखों की बिक्री और जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बुधवार को बताया कि मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों को बताया गया है कि वह जिले भर में पटाखों की बिक्री न करने और न खरीदने के लिए सबको जागरूक करें। इसके लिए संभ्रांत लोगों की भी मदद ली जा रही है। साथ ही, लाउडहेलर की मदद से लोगों से पटाखे न खरीदने और न जलाने की अपील भी की जाएगी।
कौन बेच रहा पटाखे, पुलिस ले रही टोह
प्रतिबंध के बाद अब जिले में कौन पटाखे बेच रहा है, इसे लेकर पुलिस खासी सक्रिय हुई है। एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर जिले के सभी थानों के आरक्षियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने क्षेत्र में टोह लेकर थानेदार को बताएं कि कौन अवैध तरीके से पटाखे बेच रहा है। एसएसपी ने हिदायत दी है कि यदि उनके औचक निरीक्षण में कहीं पटाखा बरामद हुआ तो संबंधित क्षेत्र के थानेदार कार्रवाई तय मानकर चलें।