फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   varanasi fire news

हल्की चिंगारी से भी लाक्षागृह बन जाएंगे कई भवन और मॉल

Mon, 05 Apr 2021 01:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Apr 2021 01:31 AM IST
विज्ञापन
varanasi fire news
गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। हल्की सी चिंगारी भी आग के शोले का रूप ले सकती है। इनसे अनजान शहर के रिहाइशी भवन और मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों में अग्निशमन की कोई तैयारी नहीं है। हालात ये है कि शहर के 70 फीसदी रिहाइशी भवन या बहुद्देश्यीय भवन बिना फायर ब्रिगेड की एनओसी के ही संचालित हो रहे हैं। इनमें शामिल 30 फीसदी ऐसी भी इमारतें हैं जहां अग्निशमन यंत्र तो लगाए गए हैं, लेकिन तीन वर्षों से उनकी रिफिलिंग ही नहीं हुई है। बीते तीन माह में आग लगने के छोटे बड़े मामलों में अब तक 77 घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें 25 करोड़ 45 लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है।
विज्ञापन

268 भवनों को ही जारी है एनओसी
शहर में बहुद्देश्यीय व्यवसायिक भवन मॉल, होटल, गेस्ट हाउस की संख्या पांच हजार के आंकड़े को पार करती है। बावजूद इसके महज 268 अधिष्ठान, प्रतिष्ठान व व्यवसायिक भवनों को ही अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। शेष भवन अग्निशमन विभाग से एनओसी की प्रतीक्षा में हैं।
विज्ञापन

2017 के बाद नहीं दी गई एनओसी
पिछले माह में महमूरगंज स्थित एक अस्पताल में आग लगने की घटना के दौरान यह मामला प्रकाश में आया था कि यहां 2017 से लेकर अब तक एनओसी नहीं मिली। इनके बाद कई घटनाएं प्रकाश में आई। शनिवार को भी पहाड़िया स्थित सीवी मार्ट के व्यावसायिक इमारत की तीसरी मंजिल पर भीषण आग लग गई थी। इनके इनके पास भी आग से बचाव के न उपकरण थे और न ही विभाग द्वारा जारी की गई एनओसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले वर्ष हो चुकी हैं बड़ी घटनाएं
जून 2020 में सिगरा चौराहे पर स्थित टीवीएस शोरूम में भीषण आग लगी थी। अग्निशमन विभाग ने रेस्क्यू करते हुए छह लोगों की जान बचाई थी। इसी क्रम में जुलाई माह भेलूपुर स्थित जल संस्थान में क्लोरीन गैस के रिसाव पर काबू पाया। अगस्त में सारनाथ थाना क्षेत्र के दीनापुर सराया मोहाना में बनाये गये गंगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में गैस रिसाव को बंद किया। इसके साथ ही नवंबर माह में मलदहिया स्थित जय सिंह बिल्डिंग में भी आग लगी थी।
शहर भर में लगाए गए हाईडेंट हुए जमीदोंज
आगजनी होने पर बचाव के लिए शहर भर में लगाए गए हाईडेंट जमीदोंज हो गए हैं। परत दर परत बनाई गई सड़कों के नीचे दबे पड़े हैं। यहां तक कि उनका प्रेशर भी अब खत्म हो गया है।

बनारस घनी आबादी वाला शहर है, विभाग द्वारा समय-समय पर रिहाइशी भवनों और मल्टीस्टोरी इमारतों में फायर उपकरणों की जांच बाद एनओसी जारी की जाती है। सही न होने पर संबंधित विभागों को आख्या दी जाती है। वही इन्हें नोटिस और बाद में सही होने पर एनओसी जारी करते हैं। - अनिमेष सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed