दिल्ली से दरभंगा जा रहे थे: मासूम बेटी को बचाने के लिए पिता ने लगाई ट्रेन से छलांग, दोनों की मौत
दरभंगा जिले के घनश्यामपुर गांव निवासी हीरा अपनी पत्नी जरीना बेगम और तीन साल की बेटी रोजी के साथ स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन से दरभंगा जा रहे थे। बोगी में खल रही बेटी गेट पर गई और चलती ट्रेन से गिर गई। नजारा देख पिता हीरा ने भी छलांग लगा दी। दोनों की मौत हो गई।
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वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र अंतर्गत बहेड़वा हॉल्ट के समीप रविवार सुबह चलती ट्रेन से गिरकर तीन साल की बच्ची और पिता की मौत हो गई। मासूम बेटी को बचाने के लिए पिता ने ट्रेन से छलांग लगाई थी। ट्रेन में ही बच्ची की मां और मामा सवार थे। घटना के बाद दोनों बेसुध हो गए।
दरभंगा (बिहार) के भवानीपुर थाना अंतर्गत घनश्यामपुर निवासी हीरा राइन (34) अपनी पत्नी जरीना बेगम (29) और तीन साल की बच्ची रोजी, साले फिरोज के साथ नई दिल्ली से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में सवार होकर अपने घर दरभंगा लौट रहा था। जनरल कोच में भीड़ होने के कारण वह टीटीई से बात कर स्लीपर कोच में फर्श पर ही बैठ गया।
यात्रियों में चीख पुकार मच गई
बोगी में बेटी रोजी खेल रही थी। खेलते हुए गेट के पास पहुंची और अचानक चलती ट्रेन से नीचे गिर गई। पिता हीरा राइन यह देखते ही उसे बचाने के लिए ट्रेन से कूद गया। यह नजारा देख पत्नी जरीना और साले फिरोज, समेत अन्य यात्रियों में चीख पुकार मच गई। सभी ने चीखते-चिल्लाते हुए चेन पुलिंग कर दी।
बहेड़वा हॉल्ट के पास ट्रेन रुकते ही घायल हीरा और बेटी रोजी के पास पहुंचे परिजनों ने उन्हें उठाया। ट्रेन स्कॉर्ट ड्यूटी में चल रहे जीआरपी ने नजदीकी पुलिस को सूचना दी। अचेतावस्था में पिता-पुत्री को पुलिस ने बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने पिता-पुत्री को मृत घोषित कर दिया।
ट्रॉमा सेंटर परिसर में साले फिरोज ने बताया कि दोनों गेट पर थे कि अचानक भांजी रोजी गिर गई। अभी लोग कुछ समझ पाते कि जीजा हीरा ने ट्रेन से छलांग लगा दी। घटना की सूचना पाते ही दरभंगा से परिजन भी शाम तक पहुंच गए। शव देखते ही परिजन बेसुध हो गए।
जीआरपी की पूछताछ में कुछ यात्रियों ने बताया कि हीरा मानसिक रूप से बीमार भी लग रहा था। ट्रेन के अंदर कुछ अजीब हरकत कर रहा था। इस पर उसकी पत्नी जरीना ने उसे कई बार डांटा था। नई दिल्ली से ट्रेन छूटने के बाद अधिकतर समय तक वह अपनी बेटी को लेकर गेट के पास ही फर्श पर बैठ कर यात्रा किया था।
नई दिल्ली में करता था प्राइवेट नौकरी
साले फिरोज के अनुसार जीजा नई दिल्ली स्थित किसी कंपनी में प्राइवेट नौकरी करते थे। दीदी, जीजा और भांजी के साथ ही वह भी रहता था। बेटी और पति को खोने के बाद पत्नी जरीना बेसुध रहीं। फिरोज के अनुसार जनरल कोच में जगह नहीं मिलने पर स्लीपर में इसलिए जा रहे थे कि भांजी को कोई दिक्कत न हो। टीटीई ने कहा कि वाराणसी ट्रेन पहुंचने के बाद सीट उपलब्ध करा देगा।