वाराणसी: महाश्मशान में आठ फीट मिट्टी जमा, कालरात्रि पूजन पर संकट; समिति ने नगर निगम से लगाई गुहार
महाश्मशान में आठ नवंबर की रात होने वाले पारंपरिक कालरात्रि पूजन से पहले सफाई का संकट खड़ा हो गया है। मंदिर परिसर और पूजन स्थल पर आठ से नौ फीट तक मिट्टी जमा होने का दावा किया गया है। समिति अध्यक्ष ने नगर निगम पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सफाई कराने की अपील की है।
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महाश्मशान में दीपावली की रात होने वाले पारंपरिक कालरात्रि पूजन पर इस बार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मंदिर परिसर और पूजन स्थल पर करीब आठ से नौ फीट तक मिट्टी जमा होने के कारण सफाई नहीं हो पा रही है। आठ नवंबर की रात 12 बजकर पांच मिनट पर पूजन होना है। ऐसे में महाश्मशान सेवा समिति ने नगर निगम से तत्काल सफाई कराने की मांग की है। समिति अध्यक्ष संजय प्रसाद गुप्ता ने अधिकारियों और क्षेत्रीय पार्षद पर शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
देश-विदेश से पहुंचते हैं साधु-संत
संजय प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कालरात्रि पूजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत साधक बाबा के दरबार में सिद्धि और साधना के लिए आते हैं। पूजन में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसके बावजूद परिसर में जमा मिट्टी की सफाई नहीं कराई जा रही है।
चार से छह पंप लगाए, लेकिन सफाई नहीं हुई
समिति अध्यक्ष के अनुसार, नगर आयुक्त, क्षेत्रीय पार्षद नालीलाल मिश्रा और संबंधित जेई से कई बार फोन कर सफाई कराने की मांग की गई। अधिकारियों की ओर से पंप लगाने और कर्मचारियों को भेजने का आश्वासन दिया गया, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचा। दो-तीन दिन पहले चार से छह पंप लगाए गए हैं। हालांकि, इनसे पानी निकालने के अलावा सफाई का काम आगे नहीं बढ़ पाया है।
पिछले साल भी हुई थी ऐसी समस्या
संजय प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस समय दो पाइप लगवाने के बाद एक दिन में परिसर की सफाई हो गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि महाश्मशान की जल्द सफाई कराई जाए, ताकि आठ नवंबर को परंपरा के अनुसार कालरात्रि पूजन संपन्न हो सके और सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा बाधित न हो।