वाराणसी: श्रीराम के हाथों रावण का अंत, कॉकरोच के पुतले का भी किया दहन
वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित श्री बड़े महावीर मंदिर चौराहे पर विजयादशमी के अवसर पर रामलीला के बाद रावण दहन किया गया। समिति ने कॉकरोच के नाम से प्रचारित प्रतीकात्मक पुतले का भी दहन किया। कार्यक्रम में जयकारे लगाए गए और पुलिस की भूमिका पर समिति ने नाराजगी जताई।
विस्तार
विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को कचहरी क्षेत्र के अर्दली बाजार स्थित श्री बड़े महावीर मंदिर चौराहे पर रामलीला समिति की ओर से रावण दहन का आयोजन किया गया। शाम को रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। श्रीराम और रावण के बीच युद्ध के मंचन के बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान समिति की ओर से कॉकरोच के नाम से प्रचारित एक प्रतीकात्मक पुतले का भी दहन किया गया।
रामलीला के मंचन में विभीषण के बताने पर श्रीराम ने रावण की नाभि में बाण मारा। इसके बाद रावण लड़खड़ाते हुए जमीन पर गिर पड़ा। रावण दहन के दौरान श्रीराम और भारत माता के जयकारे लगाए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी राजदेव सिंह भी मौजूद रहे।
कॉकरोच के पोस्टर और बैनर लगाए
समिति की ओर से मेले के क्षेत्र में कॉकरोच के नाम से 15 फीट का पोस्टर लगाया गया था। इसके अलावा कई बैनर भी लगाए गए थे। समिति ने इसे देशविरोधी गतिविधियों और धर्मविरोधी विचारों के खिलाफ प्रतीकात्मक संदेश बताया। आयोजन में आए लोगों ने समिति के इस फैसले की सराहना की।
धर्म और राष्ट्र के सम्मान में खड़े रहने की बात कही
समिति के अध्यक्ष और महामंत्री ने मंच से कहा कि वर्तमान समय में भी देश में धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि देश और धर्म के सम्मान के लिए समिति के सदस्य हमेशा प्रहरी के रूप में खड़े रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर समिति के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। मंच से पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना की गई। समिति के पदाधिकारियों का आरोप था कि पुलिस ने आयोजन में बाधा डालकर उचित कार्य नहीं किया।
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अनिल पांडेय, महामंत्री विपुल कुमार पाठक, मंत्री प्रो. प्रकाश चौबे, घनश्याम गुप्ता, श्यामजी पांडेय, ज्योत सोनकर, जोरावर सिंह, नितिन बरनवाल, कृष्ण मोहन सैनी और प्रवीण अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।