वाराणसी: घुमाने के बहाने चार बच्चों को बेचने ले जा रहा था ई-रिक्शा चालक, इस तरह हुआ भंडाफोड़
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सारनाथ के चौखंडी स्तूप के समीप की मलिन बस्ती में रहने वाले चार बच्चों को गुरुवार की शाम ई-रिक्शा (टोटो) चालक बहला-फुसलाकर रिंग रोड के पास ले गया। चारों बच्चों को बेचने के लिए वह किसी कार चालक से बात कर रहा था। इसी बीच चारों बच्चे सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से उतरकर भाग निकले और अपने घर वापस पहुंचे। सूचना पाकर पहुंचे एसपी सिटी ने बच्चों से पूछताछ की। सारनाथ थाने की पुलिस टोटो चालक का पता लगा रही है।
सारनाथ के चौखंडी स्तूप के पास मलिन बस्ती निवासी राजू (9), गुड्डू (4), सिकंदर (7) और राहुल (5) अपनी झोपड़ी के सामने खेल रहे थे। दोपहर 3:30 बजे के लगभग एक व्यक्ति टोटो लेकर आया और कहा कि आओ सब को घुमा लाएं। चारों बच्चे टोटो में बैठ गए तो चालक उन्हें सिंहपुर रिंग रोड की तरफ ले गया। काफी देर तक वह बच्चों को घुमाता रहा।
अंधेरा होने पर एक कार चालक से बच्चों को बेचने की बातचीत कर रहा था। इसी बीच उसकी बातचीत को रूबी ने सुन लिया। समझदारी दिखाते हुए वह अन्य तीनों बच्चों को लेकर अंधेरे में रिंग रोड से होते हुए वापस बस्ती पहुंची। इसके पूर्व परिजनों ने सारनाथ थाने पर घटना की सूचना दी।
सूचना के आधार पर सारनाथ थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह ने टीम बनाकर खोजबीन शुरू की। इसी बीच परिवार वाले थाना प्रभारी को सूचना दिए कि बच्चे घर पर आ गए हैं। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने घटना की जानकारी ली और उन्होंने बताया कि टोटो चालक को पकड़ने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
सब हमसे छोटे थे, उन्हें लग रहा था कि घूम ही रहे हैं
चौखंडी स्तूप के समीप मलिन बस्ती में रहने वाला राजू पुरातात्विक खंडहर परिसर में साफ सफाई का काम करता है। उसकी नौ वर्षीय पुत्री रूबी अपनी बस्ती के तीनों बच्चों को लेकर घर लौटी तो सभी अपने-अपने बच्चों को सीने से लगा लिए। रूबी ने बताया कि बाकी तीनों बच्चे उससे छोटे थे। उन्हें लग रहा था कि वह घूम रहे हैं।
जब वह टोटो चालक की बेंचने वाली बात सुनी तो उसे शंका हुई और लगा कि कुछ गड़बड़ है। इसके बाद तीनों बच्चों को वह टोटो से नीचे उतारी और चुपचाप अंधेरे में ही चल दी। लगभग दो किलोमीटर तक छुपते-छुपाते हुए वह अपनी बस्ती पहुंची तब जाकर जान में जान आई। रूबी की बातें सुनकर उसके साहस और सूझबूझ की सभी ने तारीफ की।