वाराणसी डबल मर्डर: दो साल पहले पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ था हिस्ट्रीशीटर अभिषेक
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वाराणसी के चौकाघाट में फायरिंग में मारा गया हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा एक जुलाई 2018 को कैंट रेलवे स्टेशन के समीप से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में जमानत पर जेल से बाहर आ गया था।
पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार के समय अभिषेक पर 15 हजार का इनाम था। उसके घर में अगस्त 2017 में भभुआ निवासी पिंकू अंसारी की हत्या की गई थी और इस वारदात में यह वांछित था।
इसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट सहित अन्य आरोपों में तब आठ मुकदमे दर्ज थे। पांच जून 2018 को क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस ने इनामी बदमाश सादिक खान और जावेद खान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता लगा था कि अवैध असलहों की बिक्री के दो लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में अभिषेक के घर पर पिंकू की हत्या की गई थी।
हत्या करने वालों में सादिक, जावेद, इमरान और अभिषेक शामिल थे। तत्कालीन एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया था कि क्राइम ब्रांच और कैंट थाने की पुलिस गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वांछित अभिषेक कैंट रेलवे स्टेशन पर है तो घेरेबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रिंस ने पुलिस को बताया कि वो इनाम घोषित होने के बाद से बिहार में छिप कर रह रहा था। घर आया था और वापसी के लिए ट्रेन पकड़ने कैंट जा रहा था।