Varanasi: मंडलीय अस्पताल की पानी की टंकी में मिला युवक का सड़ा-गला शव, नौ घंटे बाद बाहर निकाला गया
मंडलीय अस्पताल परिसर की टंकी से दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत कर्मचारियों के साथ मरीज व तीमारदारों ने एसआईसी डॉ एसपी सिंह से की थी। इसी आधार पर एसआईसी ने टंकी साफ कराने की मुहिम शुरू कराई। दोपहर बाद कर्मचारी सफाई के लिए पानी के टंकी के ऊपर पहुंचे तो बगैर ढक्कन की टंकी में युवक का शव उतराया मिला।
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कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में गुरुवार को पानी की टंकी में युवक का सड़ा-गला शव मिलने सनसनी फैल गई। इसी टंकी का पानी मरीज व तीमारदार पी रहे हैं। अस्पताल परिसर में रहने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ उनके परिजन भी पानी पीते हैं। इसकी सूचना मिलते ही जिलाधिकारी एस राजलिंगम मौके पर पहुंच गए। एनडीआरएफ, पुलिस व अग्निशमन दल की मदद नौ घंटे बाद रात 1:05 बजे शव पानी की टंकी से निकाला जा सका। शव को मंडलीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
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पानी में दुर्गंध आने के बाद हुई शिकायत
मंडलीय अस्पताल परिसर की टंकी से दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत कर्मचारियों के साथ मरीज व तीमारदारों ने एसआईसी डॉ एसपी सिंह से की थी। इसी आधार पर एसआईसी ने टंकी साफ कराने की मुहिम शुरू कराई। दोपहर बाद कर्मचारी सफाई के लिए पानी के टंकी के ऊपर पहुंचे तो बगैर ढक्कन की टंकी में युवक का शव उतराया मिला। इसकी जानकारी अस्पताल के अधिकारियों व पुलिस को दी गई। कोतवाली इंस्पेक्टर फोर्स लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। शव को निकालने के प्रयास शुरू किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसी का नतीजा रहा कि एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। सीएमओ के साथ जिलाधिकारी भी देर रात पहुंच गए। एनडीआरएफ ने हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से शव को बाहर निकाला है। इंस्पेक्टर कोतवाली अश्विनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि शव हफ्ते भर से ज्यादा पुराना लग रहा है। युवक हाफ पैंट और लाल रंग का टीशर्ट पहने हुए है और उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष प्रतीत हुई है। शव की पहचान नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों से पूछताछ कर युवक के बारे में पता लगाया जा रहा है। शव की पहचान होने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
100 फीट ऊंचाई और दो फीट चौड़ा ढक्कन, नौ घंटे बाद निकला शव
मंडलीय अस्पताल स्थित पानी की टंकी से शव निकालने के लिए शाम चार बजे से रात सवा एक बजे तक प्रयास किया गया। इसके बाद जाकर टंकी से शव बाहर निकालने में सफलता मिली। दरअसल, जमीन से टंकी का ऊपरी हिस्सा लगभग सौ फीट ऊपर है। टंकी के ढक्कन वाली जगह दो फीट चौड़ी है। टंकी में शव मिलने की सूचना पर पुलिस शाम चार बजे के लगभग मंडलीय अस्पताल पहुंची। टंकी से शव बाहर निकालने के पुलिस के सारे प्रयास असफल रहे तो अंधेरा होने के बाद 11 एनडीआरएफ से संपर्क किया गया। 11 एनडीआरएफ के जवान आए और टंकी के ऊपर चढ़े तो उन्हें शव बाहर निकालने में सफलता नहीं मिली।
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एनडीआरएफ के जवानों ने बताया कि शव इस कदर फूल गया है कि उसे टंकी के ढक्कन के रास्ते निकाल पाना संभव नहीं है। उसी दौरान सुझाव आया कि टंकी के ढक्कन वाले स्थान को और चौड़ा कर शव निकालने का प्रयास किया जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। कारण कि, पानी की टंकी को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने की आशंका थी। देर रात जिलाधिकारी एस. राजलिंगम मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मंगवाया गया, लेकिन जहां टंकी है वहां पर्याप्त जगह न होने की वजह से उसे इधर से उधर घूमने में काफी दिक्कत हुई। काफी प्रयास के बाद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म टंकी के समीप पहुंचा। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और एनडीआरएफ के सात जवान टंकी के ऊपर चढ़े। कड़ी मशक्कत के बाद रात सवा एक बजे शव को बाहर निकाल कर नीचे लाने में सफलता मिली।