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कैंडल जलाकर पूर्वजों को किया याद
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ईसाई समुदाय ने सोमवार को श्रद्धा के साथ आल सोल्स डे मनाया। चौकाघाट, फुलवरिया, महमूरगंज आदि कब्रिस्तानों में काफी संख्या में मसीही समाज के लोगों ने अपने पुरखों और दुनिया से अलविदा कह चुके लोगों की कब्रों पर फूल, माला, मोमबती आदि जलाकर श्रद्धांजलि दी।
सोमवार को ईसाई कब्रिस्तान में मसीही समुदाय के लोगों ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कब्र पर फूल माला चढ़ाकर मोमबत्ती जलाई। पादरी ने सामूहिक प्रार्थना की और कहा कि प्रभु हम पर दया करो।
4वीं शताब्दी के बाद से संतों और शहीदों का जश्न मनाने की परंपरा की ईसाईयों ने शुरुआत की थी। इस दिन लोग अपने पुरखों की मन पसंद चीजों को कब्र के पास रखते हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए कब्र की पूजा की जाती है। आल सोल डे पर कब्रिस्तानों की साफ-सफाई करके पूरे कब्रिस्तान परिसर को सजाया जाता है।
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सोमवार को ईसाई कब्रिस्तान में मसीही समुदाय के लोगों ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कब्र पर फूल माला चढ़ाकर मोमबत्ती जलाई। पादरी ने सामूहिक प्रार्थना की और कहा कि प्रभु हम पर दया करो।
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4वीं शताब्दी के बाद से संतों और शहीदों का जश्न मनाने की परंपरा की ईसाईयों ने शुरुआत की थी। इस दिन लोग अपने पुरखों की मन पसंद चीजों को कब्र के पास रखते हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए कब्र की पूजा की जाती है। आल सोल डे पर कब्रिस्तानों की साफ-सफाई करके पूरे कब्रिस्तान परिसर को सजाया जाता है।
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