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वाराणसी: अदालत बोली...स्टे नहीं मिला तो सरकार ने बनारस क्लब को बेदखल क्यों नहीं किया?

Tue, 07 Nov 2023 11:29 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 07 Nov 2023 11:29 AM IST
सार

सार्वजनिक जमीन पर बनारस क्लब के कब्जे के आरोप संबंधी मुकदमे में सेंट्रल बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता नित्यांनद राय के पक्षकार बनने की लिखित सहमति दी।

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Varanasi: Court said if stay was not granted then why didn't the government evict Banaras Club?
अदालत का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सार्वजनिक जमीन पर बनारस क्लब के कब्जे के आरोप पर सोमवार को अदालत ने सख्ती दिखाई। विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम राकेश पांडेय की अदालत ने डीजीसी सिविल महेंद्र पांडेय से जानकारी मांगी और कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट के आदेश के खिलाफ बनारस क्लब की अपील में जिला जज की अदालत ने स्टे नही दिया। ऐसे में सरकार ने बनारस क्लब को बेदखल क्यों नही किया? डीजीसी सिविल ने जवाब देने के लिए मोहलत मांगी है। इस पर अदालत ने मामले की रोजाना सुनवाई की बात कहते हुए मंगलवार तक का समय दिया। साथ ही, कहा कि सोमवार को आगे की बहस होगी।

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सार्वजनिक जमीन पर बनारस क्लब के कब्जे के आरोप संबंधी मुकदमे में सेंट्रल बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता नित्यांनद राय के पक्षकार बनने की लिखित सहमति दी। बनारस क्लब के अधिवक्ता की बहस का जवाब अदालत में नित्यानंद राय के अधिवक्ता मिलिंद श्रीवास्तव ने दिया। साथ ही कहा कि बनारस क्लब ने सार्वजनिक जमीन पर कब्जा किया हुआ है। यदि क्लब की अपील में मेरिट होगी तो नित्यानंद राय के पार्टी बनने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्लब अलग-अलग फोरम पर अलग-अलग बातें कह रहा है। चूंकि क्लब के अध्यक्ष मंडलायुक्त हैं और उपाध्यक्ष डीएम हैं। ऐसे में किसी तीसरे शख्स को पार्टी बनाया जाना न्याय के लिए जरूरी है।

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2011 में सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया था बेदखली का आदेश

 

तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ल ने 27 जनवरी 2011 को आराजी नंबर 211 मौजा पहाड़पुर और आराजी नंबर 850 मौजा सिकरौल से बनारस क्लब के कब्जे को अवैध मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था। इसके खिलाफ क्लब ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी। पिछले साढ़े बारह साल से अपील में सिर्फ तारीख पर तारीख पड़ती रही। इस पर अधिवक्ता नित्यानंद राय ने स्वयं को मुकदमे में पक्षकार बनने की दरख्वास्त दी। इस पर पिछली चार तारीखों से बहस जारी है।

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