{"_id":"5efcea958ebc3e42ec14a75b","slug":"varanasi-city-news-vns533407380","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर तक ‘बैंक’ लेकर पहुंच रहे डाकिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर तक ‘बैंक’ लेकर पहुंच रहे डाकिया
विज्ञापन
वाराणसी। पोस्टमैन का नाम सामने आते ही चिट्ठी, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री आदि की याद ताजा हो जाती है लेकिन अब समय के साथ ही डाक विभाग की कार्य प्रणाली में भी बड़ा बदलाव आया है। अब डाक विभाग में वो सभी सुविधाएं मिल रही हैं जो एक बैंक में मिलती हैं। इसके लिए अहम कड़ी है डाकिया। पहले जहां पोस्टमैन चिट्ठी लेकर घरों पर पहुंचते थे वही अब अगर आपको पैसे की जरूरत है तो डाकिया ही घर तक खातों से रुपये लेकर भी पहुंच रहे है। एक जुलाई को डाक कर्मी दिवस पर डाक कर्मियों को याद करना जरूरी हैं।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से जिले में लोगों को बैंक से जुड़ी सभी सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। पहले की तुलना में अब डाकियों को हाइटेक भी किया गया है और चिट्ठी की डिलिवरी के साथ ही पैसों के भुगतान, खाता खुलवाना सहित अन्य जरूरी कामों के लिए डाकिया अपने साथ स्मार्ट फोन लेकर चल रहे हैं।
पोस्ट मास्टर जनरल प्रणव कुमार का कहना है कि स्मार्ट फोन डाकियों को दिया गया है, जिससे वह लोगों को घर बैठे ही खातों से न केवल रुपये पहुंचा रहे हैं, बल्कि खाते भी खोल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में इसका बहुत लाभ भी मिला। खातों से डिलिवरी के साथ ही अन्य कामकाज के लिए डाक कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है, जिससे उन्हें पैसे की ऑनलाइन डिलिवरी करने में किसी तरह की कोई असुविधा ना हो। जिले में प्रधान डाकघर विशेश्वरगंज, प्रधान डाकघर कैंट सहित अन्य डाकघरों में मिलाकर करीब 500 से अधिक पोस्टमैन अपनी सेवा दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से जिले में लोगों को बैंक से जुड़ी सभी सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। पहले की तुलना में अब डाकियों को हाइटेक भी किया गया है और चिट्ठी की डिलिवरी के साथ ही पैसों के भुगतान, खाता खुलवाना सहित अन्य जरूरी कामों के लिए डाकिया अपने साथ स्मार्ट फोन लेकर चल रहे हैं।
विज्ञापन
पोस्ट मास्टर जनरल प्रणव कुमार का कहना है कि स्मार्ट फोन डाकियों को दिया गया है, जिससे वह लोगों को घर बैठे ही खातों से न केवल रुपये पहुंचा रहे हैं, बल्कि खाते भी खोल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में इसका बहुत लाभ भी मिला। खातों से डिलिवरी के साथ ही अन्य कामकाज के लिए डाक कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है, जिससे उन्हें पैसे की ऑनलाइन डिलिवरी करने में किसी तरह की कोई असुविधा ना हो। जिले में प्रधान डाकघर विशेश्वरगंज, प्रधान डाकघर कैंट सहित अन्य डाकघरों में मिलाकर करीब 500 से अधिक पोस्टमैन अपनी सेवा दे रहे हैं।
विज्ञापन