वाराणसी: अखिलेश यादव बोले- पीडीए में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ पीड़ित ब्राह्मण भी शामिल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वाराणसी में पीडीए की परिभाषा बताते हुए कहा कि इसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग का पीड़ित व्यक्ति, यहां तक कि ब्राह्मण भी, पीडीए का हिस्सा है।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है। इसमें मुस्लिम समुदाय के साथ जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई सहित सभी अल्पसंख्यक समुदाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई ब्राह्मण भी पीड़ित है तो वह भी पीडीए का हिस्सा है।
#WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh: Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, "The full form of PDA stands for: Pichhda, Dalit, and Alpsankhyak—which includes our Muslim brothers, as well as Jains, Buddhists, Parsis, Sikhs, Christians, and any others who fall under the category of minorities. This includes anyone who is suffering—even if that person happens to be a Brahmin; if they are suffering, they are part of this group..."
— ANI (@ANI) November 3, 2026विज्ञापन
वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने पीडीए की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल कुछ वर्गों तक सीमित नहीं है। इसमें उन सभी लोगों को शामिल किया गया है, जो किसी न किसी तरह पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ समाज के अन्य पीड़ित वर्गों को भी इस अवधारणा में जगह दी गई है।
अखिलेश यादव ने अल्पसंख्यक समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें मुस्लिम भाइयों के अलावा जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि कोई ब्राह्मण भी पीड़ित है तो वह भी पीडीए के दायरे में आता है।