वाराणसी: बीएचयू में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी करने का आरोपी गिरफ्तार
दो से तीन लाख रुपये लेकर देता था नौकरी का झांसा, लंका पुलिस ने बीएचयू परिसर से किया गिरफ्तार
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वाराणसी के बीएचयू में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 32 बेरोजगारों से लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह के एक सदस्य को लंका पुलिस ने मंगलवार को परिसर स्थित होल्कर हाउस से गिरफ्तार किया। उसके पास से कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज बरामद हुए।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2016 से युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनसे दो से तीन लाख रुपये ऐंठता था। पूछताछ के दौरान अन्य कई सदस्यों के बारे में जानकारी दी, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
जौनपुर के चंदवक थाना अंतर्गत नयनपुर, धर्मेंद्र कुमार और मिर्जापुर के राजापुर निवासी राजेंद्र कुमार मौर्य, प्रयागराज के मंडा निवासी अवधेश यादव और महेंद्र कुमार ने लंका थाने में तहरीर दी कि जौनपुर मड़ियाहू स्थित नेवढ़िया के पांडेयपुर निवासी अशोक कुमार दुबे ने दो साल पूर्व बीएचयू में लिपिक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर दो-दो लाख रुपये लिया था और मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रख लिया।
इस बीच दबाव बनाने पर फर्जी नियुक्त पत्र थमा दिया, उसे लेकर परिसर स्थित सेंट्रल आफिस पहुंचे तो धोखाधड़ी समझ में आई। यही नहीं, दो से तीन बार उसने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया। आरोपी अशोक कुमार दुबे के गिरोह में अन्य और भी लोग है, जो पैसा लेकर बेरोजगार युवक व युवतियों से धोखाधड़ी कर रकम ऐंठते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि बेरोजगारों को धमकाने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए उनका मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रखा हुआ है। एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बाबूओं से है उसकी सेंटिंग
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अशोक कुमार दुबे की बीएचयू के कुछ कर्मचारियों से अच्छी जान पहचान है। जिसके दम पर वह पिछले चार-पांच साल से धोखाधड़ी करते हुए युवाओं को लूटते आया। पुलिस का दावा है कि कुछ और आरोपियों को पकड़ा जाएगा।