वाराणसी: लहरतारा, चितईपुर क्षेत्र के 14.5 लाख लोगों को मिलेगा फायदा; 2721 करोड़ की छह परियोजनाओं को मंजूरी
वाराणसी में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था मजबूत करने के लिए 2721 करोड़ रुपये की छह परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इससे लहरतारा और चितईपुर समेत संबंधित क्षेत्रों के करीब 14.5 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। परियोजनाओं के पूरा होने पर लोगों को पेयजल आपूर्ति और सीवरेज से जुड़ी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
विस्तार
काशी में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था के विस्तार के लिए 2721 करोड़ रुपये की छह परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। अमृत-2.0 योजना के तहत पेयजल की तीन और सीवरेज की तीन परियोजनाएं हैं। लहरतारा, ट्रांस वरुणा और चितईपुर क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों से 14.5 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी। परियोजनाओं से क्षेत्रों को पेयजल और सीवरेज व्यवस्था से शत-प्रतिशत आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निगम के नवविस्तारित लहरतारा जोन में सिस वरुणा पेयजल विस्तारीकरण और वृद्धिकरण योजना को मंजूरी मिली है। इससे करीब 2,18,287 लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं, पुराना ट्रांस वरुणा पेयजल विस्तारीकरण और वृद्धिकरण योजना से 13 वार्डों की 4,15,185 आबादी को लाभ मिलेगा। नवविस्तारित क्षेत्र में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (चितईपुर) के तहत सात वार्डों की 1,88,948 आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
सीवरेज व्यवस्था के विस्तार के लिए पुराने ट्रांस वरुणा जोन में परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे करीब 4,05,303 लोगों को लाभ मिलेगा। नवविस्तारित लहरतारा जोन के सिस वरुणा क्षेत्र के आठ वार्डों की 2,04,207 आबादी को भी सीवरेज सुविधा दिलाने की योजना है। वहीं, नवविस्तारित चितईपुर जोन के चयनित 10 वार्डों की 2,22,608 आबादी को सीवरेज व्यवस्था से जोड़ने के लिए परियोजना मंजूर की गई है।
उत्तरी विधानसभा में पेयजल, सीवर के लिए 869.29 करोड़ स्वीकृत
वाराणसी जिले में शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल एवं सीवर के स्थायी समाधान के लिए 867.29 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल एवं सीवर की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि इस ऐतिहासिक पहल से क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा आमजन का जीवन और अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा कि पेयजल व्यवस्था के लिए 252.85 करोड़ और सीवर व्यवस्था के लिए 604.42 करोड़ की स्वीकृति प्रदेश कैबिनेट द्वारा किया गया है। इसी प्रकार पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत 22 नलकूप के माध्यम से लगभग 430 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी।