कोहरे में रेलवे फेल, यात्री रहे झेल, वंदेभारत सहित आठ ट्रेनें पहुंची देरी से, चार ट्रेनें रद्द
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कोहरे में ट्रेनों का परिचालन बिगड़ने न पाए, इसके लिए किए गए तमाम उपाय के बावजूद रेल प्रशासन फेल साबित हो रहा है। कोहरे ने अपना असर दिखाया तो ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ चली। सुबह की ट्रेन शाम तो रात की ट्रेन सुबह में स्टेशन पर पहुंच रही है।
लुढ़कते पारे के बीच ट्रेनों के इंतजार में यात्री स्टेशन के पैसेंजर हाल, सर्कुुलेटिंग एरिया तो बहुत से यात्री प्लेटफार्मों पर रात बिताने के लिए बाध्य हैं। रविवार को आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें चार से नौ घंटे की देरी से कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। जिनके इंतजार में अधिकतर यात्रियों को सर्द हवाओं और भूखे पेट रहना पड़ा।
लगातार तीसरे दिन भी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटे विलंब से थी तो यात्रियों ने प्लेटफार्म नंबर एक पर हंगामा कर दिया। पूछताछ काउंटर पर पहुंचे दर्जनों यात्रियों ने विरोध दर्ज कराने की कोशिश की तो यात्री हाल में मौजूद जीआरपी के जवानों ने किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया।
अत्यधिक विलंब को देखते हुए कोटा पटना एक्सप्रेस, पंजाब मेल, लुधियाना-धनबाद और हरिहर एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया। पूछताछ काउंटर से यह सूचना प्रसारित होते ही यात्रियों ने रेल प्रशासन को कोसते हुए अपने घरों को वापस लौट गए।
ये ट्रेनें थी लेट
नई दिल्ली से चलने वाली 13414 फरक्का एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 4 घंटे, 19321 इंदौर-पटना एक्सप्रेस 4 घंटे, 14854 मरूधर एक्सप्रेस व मगध एक्सप्रेस 5 घंटे, 22420 भृगु एक्सप्रेस साढ़े 4 घंटे, 12462 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 9 घंटे और वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस 1 घंटे की देरी से कैंट स्टेशन पर पहुंची। जिसे लेकर यात्री काफी नाराज रहे।
200 से अधिक यात्रियों ने कराया टिकट रद्द
ट्रेनों की लेटलतीफी को देखते हुए रेल यात्रियों ने रविवार को आरक्षण टिकट कार्यालय पर पहुंच टिकट रद्द कराया। सुबह सेे दोपहर 2 बजे के बीच लगभग 200 यात्रियों ने यात्रा रद्द की। यही स्थिति आईआरसीटीसी से टिकट बुक करने वाले शहर के करीब 400 सेंटर पर भी रही।
बुलेट ट्रेन का सपना देख रही भारतीय रेलवे को अपनी वर्तमान ट्रेनों के संचालन में सुधार करने की जरूरत है। तमाम उपाय के बावजूद ट्रेनें लेट हो रही है।
अजय उपाध्याय, यात्री
वंदे भारत जैसी ट्रेन लेटलतीफी की शिकार हो रही है। सेमी हाईस्पीड ट्रेन की जब यह हालत है तो बाकि का आप सोच सकते है।
ऋषभ सिंह, यात्री