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उद्यमियों के हाथ हैं अब खाली: आरके चौधरी
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वाराणसी। लॉकडाउन के दौरान उद्योगों को फिर से शुरू करने को लेकर आ रही चुनौतियों का सामना करने का साहस उद्यमी नहीं जुटा पा रहे हैं। डेढ़ माह से बंद उद्योगों को हुई भारी क्षति का आकलन सिवाय उद्यमियों के और कोई नहीं कर पा रहा। राहत पैकेज को लेकर गुहार लगाते-लगाते उद्यमी थक चुके हैं।
रविवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वेबिनार के माध्यम से इस पर मंथन किया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि विगत डेढ़ महीने से उद्योग-धंधे पूरी तरह बंद हैं, माल की आपूर्ति भी ठप है। उद्यमियों के पास जो पूंजी थी, उससे किसी तरह मार्च महीने का वेतन कर्मचारियों को दे दिया गया, लेकिन अप्रैल माह के वेतन के लिए उद्यमियों के हाथ खाली हैं। डिविजनल अध्यक्ष राजेश भाटिया, मंडल सचिव नीरज पारीख ने भी संबोधित किया। वेबिनार में आईआईए के वाराणसी चैप्टर अध्यक्ष दीपक बजाज, लल्ला राम मौर्या, पंकज अग्रवाल, सर्वेश अग्रवाल, रतन कुमार सिंह, वशिष्ट सिंह यादव, मोहनदास अग्रवाल, अनुज डिडवानिया, प्रशांत अग्रवाल, राजेश पिपलानी, संजीव जयपुरिया, राजेश वर्मा सहित मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली के उद्यमी उपस्थित रहे।
उद्यमियों की ये रहीं मांगें
कर्मचारियों और श्रमिकों को निर्वहन भत्ते दिए जाए।
विद्युत फिक्स डिमांड चार्ज को स्थगित करने की बजाय इसे पूरी तरह से माफ किया जाए।
जीएसटी के रिफंड, निवेश मित्र योजना की जीएसटी में फंसी धनराशि तथा एमएसएमई द्वारा सरकारी उपक्रमों में की गई सप्लाई के रुके हुए बिलों का अविलंब भुगतान किया जाए
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उद्योगों की बैंकों की सीसी लिमिट को कम से कम 25 प्रतिशत बिना किसी एक्स्ट्रा कॉलेटरल सिक्योरिटी के बढ़ाई जाए और इससे अधिक धनराशि पर कम से कम एक वर्ष तक ब्याज की दर पांच प्रतिशत से ज्यादा ना रखी जाए।
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रविवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वेबिनार के माध्यम से इस पर मंथन किया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि विगत डेढ़ महीने से उद्योग-धंधे पूरी तरह बंद हैं, माल की आपूर्ति भी ठप है। उद्यमियों के पास जो पूंजी थी, उससे किसी तरह मार्च महीने का वेतन कर्मचारियों को दे दिया गया, लेकिन अप्रैल माह के वेतन के लिए उद्यमियों के हाथ खाली हैं। डिविजनल अध्यक्ष राजेश भाटिया, मंडल सचिव नीरज पारीख ने भी संबोधित किया। वेबिनार में आईआईए के वाराणसी चैप्टर अध्यक्ष दीपक बजाज, लल्ला राम मौर्या, पंकज अग्रवाल, सर्वेश अग्रवाल, रतन कुमार सिंह, वशिष्ट सिंह यादव, मोहनदास अग्रवाल, अनुज डिडवानिया, प्रशांत अग्रवाल, राजेश पिपलानी, संजीव जयपुरिया, राजेश वर्मा सहित मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली के उद्यमी उपस्थित रहे।
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उद्यमियों की ये रहीं मांगें
कर्मचारियों और श्रमिकों को निर्वहन भत्ते दिए जाए।
विद्युत फिक्स डिमांड चार्ज को स्थगित करने की बजाय इसे पूरी तरह से माफ किया जाए।
जीएसटी के रिफंड, निवेश मित्र योजना की जीएसटी में फंसी धनराशि तथा एमएसएमई द्वारा सरकारी उपक्रमों में की गई सप्लाई के रुके हुए बिलों का अविलंब भुगतान किया जाए
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उद्योगों की बैंकों की सीसी लिमिट को कम से कम 25 प्रतिशत बिना किसी एक्स्ट्रा कॉलेटरल सिक्योरिटी के बढ़ाई जाए और इससे अधिक धनराशि पर कम से कम एक वर्ष तक ब्याज की दर पांच प्रतिशत से ज्यादा ना रखी जाए।