उस्ताद की धरोहर पर हथौड़ा: नहीं आया कोई नुमाइंदा, झूठ बोल रहे हैं सभी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की धरोहर पर रोज नया मामला सामने आ रहा है। वाराणसी नगर निगम (वीडीए) और उस्ताद की बड़ी बेटी के दावों को काजिम हुसैन ने सिरे से खारिज कर दिया है। उस्ताद के बेटे काजिम हुसैन ने कहा कि अब्बाजान के इंतकाल के बाद कोई भी सरकारी नुमाइंदा उनका हालचाल लेने नहीं आया है।
काजिम ने बताया कि उनकी बड़ी बहन भी साफ झूठ बोल रही हैं। बहन होने के बावजूद उनका रवैया ठीक नहीं है। कोई अपनों से कैसे लड़ सकता है। जब अपने ही अपनों के दुश्मन हो जाएं तो फिर बाहर वालों से क्या शिकवा है।
यह लोग किसी का अच्छा होता हुआ नहीं देख सकते हैं। आज बहुत बड़े-बड़े लोग सलाह दे रहे हैं, लेकिन आज तक कोई उनके दरवाजे पर हालचाल लेने तक नहीं आया है।
वीडीए का कहना है कि उस्ताद के घर को धरोहर में शामिल करने के लिए कवायद की गई थी लेकिन आज तक तो कोई सरकारी नुमाइंदा झांकने नहीं आया। मकान टूटने की खबर मिली तो काम रोकने के लिए लोग पहुंच गए थे। जर्जर मकान को दुरुस्त किया जा रहा था और घर वालों ने ही गलत अफवाह फैला दी।
उस्ताद के पौत्र राजी अहमद ने कहा कि घर की आपसी कलह के कारण यह सारा मामला सड़क पर आया गया है। दादा जी का कद इतना बड़ा है कि उनके नाम से हम सभी जाने जाते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। जर्जर हो चुके मकान को दुरुस्त किया जा रहा था तो परिवार के लोगों ने ही उसका दुष्प्रचार किया।