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Varanasi News: लाइसेंसी दुकान की शराब भेजते थे बिहार

Sun, 10 Sep 2023 12:52 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Sep 2023 12:52 AM IST
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Used to send liquor from licensed shop to Bihar
लाइसेंसी दुकान की शराब बिहार में खपाने वाले गिरोह ने किराये पर कमरा लेकर जैतपुरा क्षेत्र में गोदाम बना रखा था। शराब को अच्छे तरीके से कार्टून में थर्माकोल के अंदर पैक कर कैंट रोडवेज क्षेत्र स्थित प्रशांत कार्गो के माध्यम से पटना भेजी जाती थी। प्रकरण में गिरफ्तार चार आरोपियों को शनिवार को जेल भेजा गया। मामले में नामजद प्रशांत कार्गो के मालिक बीएलडब्ल्यू पॉवर हाउस के समीप रहने वाले रणविजय शर्मा उर्फ भोला, पटना के सोनू शर्मा और जितेंद्र सेठ व उनके सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
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शराब कारोबारी लालपुर निवासी राकेश जायसवाल की वाराणसी में शराब की कई लाइसेंसी दुकानें हैं। राकेश जायसवाल का मैनेजर गिरफ्तार किया गया अरविंद जायसवाल है। अरविंद जायसवाल की जान-पहचान पटना के कुख्यात शराब तस्कर जितेंद्र सेठ से है। राकेश जायसवाल की दुकानों के लिए मिलने वाली शराब को इन लोगों द्वारा संबंधित लाइसेंसी दुकान पर न ले जाकर जितेंद्र सेठ को ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता था। शराब की खेप रणविजय शर्मा उर्फ भोला से सांठगांठ कर उसके प्रशांत कार्गो के माध्यम से बिहार भेजी जाती थी। इसके बाद शराब का दाम लगभग तीन गुना बढ़ा कर बिहार के स्थानीय तस्करों को बेच कर मुनाफा कमाया जाता था। इसी क्रम में शराब की खेप बिहार ले जाने की तैयारी थी। उससे पहले ही शुक्रवार की रात एसटीएफ के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह और सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह की संयुक्त टीम द्वारा चौबेपुर थाना के मुनारी के बृजेश सेठ व रतन कुमार, चंदौली के चकिया थाना के लठौरा के अरविंद जायसवाल और गाजीपुर के खानपुर थाना के अहलादपुर के मोनू यादव गिरफ्तार कर लिए गए। चारों को शनिवार को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। उधर, सिगरा थानाध्यक्ष ने बताया कि तीन नामजद की तलाश जारी है। जांच में जिसका भी नाम सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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आबकारी अधिकारी को पुलिस की चिट्ठी का इंतजार
लाइसेंसी दुकानों को मिलने वाली शराब तस्करी कर बिहार भेजी जा रही थी। इसके पीछे पुलिस की ओर से आबकारी विभाग के स्तर से भी चूक या फिर मिलीभगत की आशंका जताई गई है। सिगरा थानाध्यक्ष ने कहा कि अगर आबकारी विभाग के कर्मचारी सतर्कता के साथ अपना काम करते तो इतने हाईटेक तरीके से तस्कर लाइसेंसी दुकान की शराब बिहार नहीं ले जा पाते। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी ओमवीर सिंह से पूछा गया कि लाइसेंसी दुकान की शराब की तस्करी के मामले में क्या आपके विभाग के स्तर से कोई जांच-पड़ताल शुरू की गई है। इस पर उनका जवाब था कि पुलिस की ओर से लिखापढ़ी में हमारे पास कुछ नहीं आया है। लिखापढ़ी में कुछ आएगा तो उसके आधार पर देखा जाएगा।
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