फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   UPSRTC MD asks for factuality report in case of resignation of ARM of Ballia depot

बलिया: डीएम द्वारा एआरएम से अभद्रता करने के मामले पर यूपीएसआरटीसी के प्रबंधक ने मांगी रिपोर्ट

Tue, 01 Oct 2019 04:46 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 01 Oct 2019 04:46 PM IST
विज्ञापन
UPSRTC MD asks for factuality report in case of resignation of ARM of Ballia depot
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

राज्य सड़क परिवहन निगम के बलिया डिपो में तैनात सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिंदू प्रसाद का त्याग पत्र यूपीएसआरटीसी के एमडी राजशेखर को मिल गया है। इस पर उन्होंने प्रशासन से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, बलिया डिपो के एआरएम ने डीएम पर अपमान करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को इस्तीफा दे दिया था।

विज्ञापन


इस दौरान लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर आरएम आजमगढ़ पीके तिवारी और नोडल अफसर अतुल त्रिपाठी बलिया पहुंचे। दोनों अधिकारी रोडवेज कर्मचारियों के साथ डीएम भवानी सिंह खंगारौत के यहां पहुंचे।
विज्ञापन


हालांकि अभी मामले को लेकर कोई भी कुछ कहने से बच रहा है। बात करने पर आरएम आजमगढ़ पीके तिवारी ने कहा कि पूरे मामले को प्रबंध निदेशक स्वयं देख रहे हैं। हम यहां जिलाधिकारी से मिलने आएं हैं और उन्होंने जो पत्र लिखा है उसे लेकर अपनी बात रखी है। फिलहाल इस बारे में कोई भी बयान प्रबंध निदेशक रोडवेज या जिलाधिकारी ही दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बलिया डिपो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिंदू प्रसाद ने आरोप लगाया था कि जिलाधिकारी ने उनके ऑफिस में घुसकर कालर पकड़ लिया और घसीटते हुए पहली मंजिल पर स्थित कार्यालय से नीचे लाए और सड़क पर अपने स्क्वॉड में शामिल बोलेरो में धक्का देकर बैठा दिया। इस दौरान उन्होंने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित भी किया।

प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम लखनऊ को संबोधित इस्तीफा में एआरएम बिंदु प्रसाद ने बताया है कि जिला कारागार बलिया में पानी भरने के कारण कैदियों को मंडल कारागार आजमगढ़ जेल शिफ्ट करने के लिए जिलाधिकारी ने पंद्रह बसों की डिमांड की थी।



इसके बाद फौरन 15 बसों को चालक-परिचालकों के साथ जिला कारागार भेज दिया गया था। एआरएम ने लिखा कि मैं स्वयं भी मौके पर गया और बसों को सही तरीके से खड़ी करवाकर अपने कार्यालय आ गया। एआरएम ने लिखा है कि दिन में लगभग 12 बजे जिलाधिकारी, कार्यालय में आए। आते ही मेरा कालर पकड़ा और घसीटते हुए कार्यालय से बाहर लाए, फिर नीचे लाकर बोलेरो में बैठाकर जिला कारागार बलिया ले गए।

इस दौरान जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित भी किया। जिलाधिकारी के इस कृत्य से मैं अपने आपको बहुत अपमानित महसूस कर रहा हूं, जिसके कारण अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने पत्र की प्रति प्रमुख सचिव, परिवहन निगम मुख्यालय, लखनऊ, प्रधान प्रबंधक संचालन, लखनऊ, क्षेत्रीक प्रबंधक आजमगढ़ और अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी है।

मामले में जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत का कहना है कि कई बार फोन करने के बाद भी जब फोन नहीं उठा तो मैं ऑफिस में गया जरूर था, क्योंकि जिले में एडीजी और डीआईजी आए थे। जेल में पानी भरने का गंभीर मुद्दा था और बंदियों को हर हाल में यहां से दूसरे जिलों में शिफ्ट करना था।



डीएम ने बताया कि मैंने इनसे कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। ये बिल्कुल बेबुनियाद और झूठा आरोप लगा रहे हैं। ये खुद आकर गाड़ी में बैठे थे और काफी देर तक जेल के पास रहकर इन्होंने अच्छा काम भी निपटाया। अब ये ऐसा आरोप क्यों लगा रहे हैं ये मेरी समझ से परे है। मैंने प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को एआरएम पर कठोर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।

यूपीएसआरटीसी के एमडी राजशेखर ने कहा कि उन्हें प्रसाद का त्याग पत्र मिला है और उन्होंने इस मामले पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा कि मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद, इस बारे में यूपी सरकार को भी अवगत कराया जाएगा।

बलिया के डीएम का पीछा नहीं छोड़ रहा विवाद :
जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत जबसे बलिया आए हैं तब से कई विवादों में घिरते रहे हैं। कई बार ऐसा लगा कि इस बार ये विवाद इनका पीछा नहीं छोड़ेगा, लेकिन हर बार इन्होंने से खुद को बचाते हुए मामले को सुलझा लिया है। अब एक बार फिर ये विवाद में आए हैं, देखना ये है कि इस बार ये खुद को इस विवाद से कैसे बचाते हैं।

भाजपा नेता से कार्यालय में ही हुआ था विवाद
करीब आठ माह पहले रसड़ा क्षेत्र के भाजपा नेता विनोद तिवारी से जिलाधिकारी कक्ष में ही विवाद हो गया और हाथापाई की भी नौबत आ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तिवारी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद तहसीलदार की तहरीर पर तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया। तिवारी ने आरोप लगाया कि डीएम ने उन्हें थप्पड़ जड़ा। इसके बाद मामला ठंडा पड़ गया।

बसपा नेताओं से मांगी माफी
अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में मिड डे मील को लेकर बसपा नेताओं से विवाद के बाद डीएम ने माफी मांगी थी। विवाद उस वक्त हुआ, जब प्राथमिक विद्यालय रामपुर नंबर एक में मिड डे मील के दौरान जातिगत भेदभाव की खबरें आईं। इसके बाद मायावती ने एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा था- स्कूल में दलित बच्चों को अलग बैठाकर भोजन कराना निंदनीय है। इसके बाद 29 अगस्त को जब डीएम वहां जांच के लिए पहुंचे तो बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर मदन राम और दूसरे नेता भी वहां पहुंच गए। डीएम ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा था कि 25 लाख की गाड़ी में घूमने वाले यहां राजनीति करने आए हैं।

बच्चों के प्रवेश पर भी हुआ विवाद
बसपा नेता से विवाद का मामला ठंडा ही हुआ था कि आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश को लेकर हुई बैठक में मौजूद आरटीआई कार्यकर्ता व अधिवक्ता मनोज राय हंस से विवाद हो गया। हंस ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से जानकारी मांगे जाने पर दलाल शब्द का प्रयोग किया गया है। इसके बाद हंस ने शहर के चौक पर धरना शुरु कर दिया। धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने डीएम आवास व कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया और अंतत: डीएम ने माफी मांगते हुए हंस का धरना समाप्त कराया।

अधिवक्ता तो अब भी चल रहे नाराज
इसी तरह के एक मामले को लेकर डीएम और अधिवक्ताओं में विवाद हो गया। वह मामला तो अब तक ठंडा नहीं पड़ा है। ये विवाद बांसडीह एसडीएम के तबादले को लेकर हुआ था। अधिवक्ता एसडीएम को हटाने की मांग पर अड़े थे, जबकि डीएम का कहना था कि वे उन्हें तभी हटाएंगे, जब वहां की जनता को कोई दिक्कत होगी। यह तो महज उदाहरण भर है, और भी कई मामलों में जिलाधिकारी का विवादों से नाता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed