Varanasi Weather: एक बार फिर से सक्रिय हुआ मानसून, तीन दिन में टूटा सितंबर का रिकॉर्ड, जलभराव से बढ़ी परेशानी
बीएचयू अस्पताल परिसर समेत कई जगहों पर पेड गिर गए। इसमें गाड़ियां दब गईं। संयोग था कि गाड़ियों में कोई नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसी तरह तार टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। बीएचयू अस्पताल में एमएस कार्यालय के पास विशाल पेड़ गिर गया।
विस्तार
मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। इस महीने तीन दिन में ही जितनी बारिश हुई है, उतनी सितंबर महीने में नहीं हुई थी। सितंबर जहां 99.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी, वहीं एक से तीन अक्तूबर के बीच 136 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे मौसम बदल गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। हालांकि, रिकॉर्डतोड़ बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या गहरा गई। इससे क्षेत्रीय नागरिकों को असुविधा हुई है। बीएचयू व चांदपुर सहित कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं। बारिश व हवा से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून देरी से विदा होगा। सामान्य तौर पर जून से सितंबर तक मानसून सीजन माना जाता है, लेकिन इस बार अक्तूबर के पहले सप्ताह में भी मानसूनी बारिश जारी है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में 910 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 30 सितंबर तक 590 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई थी। अक्तूबर के तीन दिनों की बारिश का आंकड़ा लिया जाए तो कुल बारिश 726 मिलीमीटर हो जाएगी। इस तरह औसत से अब भी 190 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि इस बार का मानसून सीजन दस अक्तूबर तक रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बने रहने की वजह से अभी बारिश रूकरूक कर आठ अक्तूबर तक होते रहने के आसार हैं। तेज बारिश जारी रही तो बारिश का निर्धारित मानक व लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
एक नजर में
माह बारिश (मिलीमीटर में)
सितंबर- 99.7
एक अक्तूबर 33.2
दो अक्तूबर 55.1
तीन अक्तूबर 47
बीएचयू समेत कई जगहों पर गिरे पेड़, दबी गाड़ियां, गुल रही बिजली
बीएचयू अस्पताल परिसर समेत कई जगहों पर पेड गिर गए। इसमें गाड़ियां दब गईं। संयोग था कि गाड़ियों में कोई नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसी तरह तार टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। बीएचयू अस्पताल में एमएस कार्यालय के पास विशाल पेड़ गिर गया। इस कारण नीचे खड़ी गाड़ियां दब गईं। आनन-फानन में इलेक्ट्रसॅनिक आरा मशीन की मदद से पेडों की डालियां काटी गईं। उधर, चांदपुर चौराहे पर जीटी रोड के पास शीशम का पेड़ हाईटेंशन तार पर टूटकर गिर गया। इससे चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास खड़े लोग किसी तरह जान बचाकर भागे। इस घटना की वजह से बिजली भी कट गई। करीब दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो गई।
बारिश के बीच अव्यवस्था देखने पहुंचे नगर आयुक्त
नगर आयुक्त शिपु गिरी मंगलवार की शाम को बारिश के बीच जलभराव सहित अन्य अव्यवस्थाओं की हकीकत जानने पहुंचे। गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट और आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। गोदौलिया चौराहे और चितरंजन पार्क के पास लगे इलेक्ट्रॉनिक बोलार्ड सिस्टम(ऑटोमैटिक बैरियर) के खराब होने पर उसे तत्काल कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम से सही करवाने को कहा। साथ ही देखरेख का जिम्मा आगे से वीडीए को देने की बात कही। इसके अलावा गोदौलिया से दशाश्वमेध तक अतिक्रमण से निपटने के लिए पटरियों पर जगह जगह बड़े वाले गमले रखने, चितरंजन पार्क के पास की खाली जगह पर नगर निगम को ओर से पुलिस चौकी बनवाने और नगर निगम की ओर से वाराणसी ट्रैफिक पुलिस को सड़कों पर अवैध तरीके से खड़े वाहनों को उठाने के लिए एक क्रेन उपलब्ध कराने की बात भी कही।
सड़कों पर जलभराव, घरों में घुसा गंदा पानी
बारिश की वजह से सड़कों पर जगह-जगह जलभराव भी हो गया। लंका, रविंद्रपुरी, अस्सी मार्ग, सामनेघाट, भगवानपुर, छित्तूपुर, मंडुवाडीह आदि जगहों पर सड़कों पर पानी भरने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर पानी घरों के अंदर घुस गया, इस वजह से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल रहा। उधर, सेवापुरी ब्लॉक के ठटरा गांव स्थित कछवा रोड अंडरपास ब्रिज के दक्षिण मार्ग पर सरकारी नाला ओवरफ्लो हो जाने से सड़क से नीचे बने मकान एवं दुकान में पानी घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के आलावा तहसील दिवस में भी समस्या के समाधान के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उधर शिवपुर, सिंधौरा में कई जगहों पर पानी भरा रहा।