UP Politics: वाराणसी से सपा ने शुरू की जातीय जनगणना संगोष्ठी, MLC राजपाल कश्यप बोले- जनता हमारे साथ
जातीय जनगणना को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए समाजवादी पार्टी ने जिले-जिले में संगोष्ठी कराने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को वाराणसी से हो गई।
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लोकसभा चुनाव 2024 से पहले यूपी समेत कई दूसरे राज्यों में जातीय जनगणना को लेकर राजनीति तेज है। समाजवादी पार्टी ने जातीय जनगणना पर दबाव बनाने के लिए जिले-जिले में संगोष्ठी कराने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को वाराणसी से हो गई।
समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ और समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के संयुक्त साझेदारी के साथ ‘जातीय जनगणना कराए सरकार, सबको सम्मान अधिकार’ के नाम से यह आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन में सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी राजपाल कश्यप ने जातीय जनगणना की मांग पर जनता हमारे साथ है।
पांच जिलों में पांच मार्च तक होगा कार्यक्रम
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को विधानसभा में जातीय जनगणना कराने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। मांग को प्रमुखता से सपा कार्यकर्ता गांव-गांव, शहर शहर अपने बात को जनता तक पहुंचने का काम करने जा रहे हैं। वाराणसी के बाद भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और प्रयागराज में संगोष्ठी करेंगे। पांच मार्च तक यह कार्यक्रम चलेगा।
उन्होंने पूछा कि जातीय जनगणना कराने से भाजपा सरकार क्यों पीछे हट रही है। लालू प्रसाद यादव और शरद पवार समेत देश के कई बड़े नेता जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं। जातियों में लड़ाने का काम बंद होना चाहिए।
जातीय जनगणना कर उनका सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनैतिक समेत विभिन्न परिस्थितियों का आंकलन करना चाहिए। समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव सत्यप्रकाश सोनकर ने कहा कि वाराणसी सहित मंडल के सभी जिलों से कार्यकर्ता इस संगोष्ठी में शामिल हुए।