यूपी पंचायत चुनाव 2021: गांव के विकास में ग्राम पंचायत सदस्यों की अहम भूमिका, जानें कैसे?
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किसी भी गांव के विकास में प्रधान के अलावा ग्राम पंचायत सदस्यों की अहम भूमिका होती है। गांव के विकास के लिए बनने वाली समितियों में भी ग्राम पंचायत सदस्य होते हैं, जो जरूरत के हिसाब से विकास की कार्ययोजना बनाने में भागीदार होते हैं। इसे देखते हुए ग्राम पंचायत सदस्य का होना अति आवश्यक होता है। अमूमन इस पद के प्रति रुचि कम होने के कारण कई गांवों में प्रधान तो चुन लिए जाते हैं लेकिन ग्राम पंचायत समितियों का गठन इसलिए नहीं हो पाता है क्योंकि ग्राम पंचायत सदस्य नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में उपचुनाव कराने की नौबत आती है।
ग्राम पंचायत के 1/3 सदस्य किसी भी समय हस्ताक्षर करके लिखित रूप से बैठक बुलाने की मांग करते हैं, तो 15 दिनों के अंदर ग्राम प्रधान को इस पर अमल करना होता है। ग्राम पंचायत के सदस्यों के द्वारा अपने में से एक उप प्रधान का निर्वाचन किया जाता है। यदि उप प्रधान का निर्वाचन नहीं किया जा सका हो तो नियत अधिकारी किसी सदस्य को उप प्रधान नामित कर सकता है।
गांव के विकास के लिए बनने वाले समितियों में ग्राम पंचायत सदस्य भी होते हैं। प्रधान के अलावा नियोजन व विकास समिति में हर वर्ग के एक-एक सदस्य को रखा जाता है। निर्माण कार्य समिति में गांव के निर्माण से जुड़ी बातों पर चर्चा कर रूपरेखा तैयार की जाती है। शिक्षा समिति में गांव की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कार्ययोजना तैयार होती है। स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति, कृषि, ग्राम्य विकास, महिला एवं बाल कल्याण आदि से जुड़ी समितियों में ग्राम पंचायत सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वाराणसी के पंचायत जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा सहायक ने बताया कि ग्राम पंचायत समिति में ग्राम पंचायत सदस्यों के होने से गांव के विकास की बेहतर रूपरेखा तैयार होगी। ग्राम पंचायत की बेहतरी के लिए ग्राम पंचायत सदस्य का कोरम पूरा करना चाहिए। इसके लिए नामांकन करें। अपने गांव के विकास में हिस्सेदार बनें। इस पद पर ज्यादातर गांवों में निर्विरोध निर्वाचन होता है।