UP Nikay Chunav 2023: वाराणसी में एक पिता के 51 बच्चे...मतदाता सूची को देख लोगों ने पीट लिया सिर
वाराणसी में वार्ड नंबर 51 (भेलूपुर) की मतदाता सूची में बड़ी गलती सामने आई है। सूची के मुताबिक, 51 लोगों के पिता का नाम एक ही है।
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वाराणसी में एक पिता के 48 बच्चे...समझ नहीं आया ना? यह हैरतअंगेज मामला सामने आया गुरुवार को यूपी नगर निकाय चुनाव के मतदान के दौरान। वाराणसी में वार्ड नंबर-51 भेलूपुर के कश्मीरीगंज मुहल्ले के 51 मतदाताओं के नाम के आगे पिता के तौर पर सिर्फ एक ही नाम और एक ही मकान नंबर दर्ज था। इस मतदाता सूची को देख लोगों ने अपनी सिर पीट लिया। देखते ही देखते मतदाता सूची सोशल मीडिया में वायरल हो गई।
वहीं, इसे लेकर मतदाता सूची तैयार करने वाले कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे। सपा सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच करा कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम के वार्ड नंबर-51 भेलूपुर के कश्मीरीगंज मोहल्ले की मतदाता सूची में क्रमांक संख्या 234 से 284 तक के मतदाताओं के पिता का नाम राम कमल दास और मकान नंबर बी-24/19 दर्ज था। इसे लेकर हो-हल्ला हुआ तो स्थानीय लोगों ने बताया कि राम कमल दास वेदांती महाराज खोजवां स्थित राम मंदिर में गुरु दीक्षा देते हैं। मौजूदा समय में वह अमेरिका में हैं। राम कमल दास वेदांती महाराज के प्रतिनिधि के अनुसार, मतदाता सूची में जो भी नाम हैं, वह वेदांती महाराज के शिष्यों के हैं। मठ के ब्रह्मचारी शिष्य अपने गुरु को पिता मानते हैं और वही लिखते भी हैं। लेकिन, यह मतदाता सूची ढाई दशक से ज्यादा पुरानी है और उसे अपडेट नहीं किया गया है। इसी वजह से वह नाम आज भी मतदाता सूची में जस के तस हैं।
उधर, इस संबंध में सपा के विवेक रंजन और रमेश वर्मा ने कहा कि यह एक बड़ी गड़बड़ी है। हो सकता है कि किसी खास प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसा जानबूझकर किया गया हो। इसकी जांच करा कर दोषी कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा भी मतदाता सूची को लेकर चौतरफा शिकायतें आईं हैं। मतदाता सूची से नाम गायब होने का मामला सबसे ज्यादा सामने आया है। वाराणसी जिले के करीब हर वार्ड में मतदाता सूची से लोगों का नाम गायब था। इससे लोग नाराज भी दिखे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सदस्य ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय का नाम मतदाता सूची का नाम नहीं है।
पहली बार ऐसा हुआ
उन्होंने कहा कि इतने वर्षों से मैं वोट डाल रहा हूं। पहली बार ऐसा हुआ कि निकाय चुनाव की मतदाता सूची से नाम गायब है। कबोबेश यही स्थित शहर के अन्य बूथों पर भी दिखी। कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब रहे। इसके अलावा कुछ मृत लोगों के नाम शामिल रहे जबकि घर के बालिगों का नाम सूची से गायब रहा।
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हबीबपुरा के राजेश कुमार का कहना है कि इनका नाम मतदाता सूची में है। जबकि भाई, पत्नी और बहन का नाम मतदाता सूची से गायब रहा। प्रदीप गुप्ता केअनुसार इनका और पत्नी का नाम मतदाता सूची में था जबकि बेटे बेटियों का नाम गायब रहा। हबीबपुरा के सुनील गुप्ता की मृत पत्नी और मृत माता का नाम था। जबकि, परिवार के जीवित बालिग व्यक्तियों का नाम सूची से गायब रहा।
सुंदरपुर में शिवनाथ के अनुसार उनके घर में 12 मतदाता हैं। लेकिन केवल इस बार उनका नाम मतदाता सूची में है जबकि पत्नी, बेटे, बहू का नाम मतदाता सूची से गायब है। उनके पास एक ऑनलाइन पर्ची थी लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं था। सुंदरपुर केवंशुलाल केअनुसार इनका नाम आनलाइन पर्ची में था लेकिन सूची में नहीं था। इनके परिवार के सदस्यों का नाम नहीं रहा।
महेशपुर कॉलोनी के200 से अधिक लोगों की मतदाता सूची में नाम के आगे लाल पेन चलाया गया था। जिसके चलते वे वोट नहीं डाल पाए। लहरतारा में रविप्रकाश, हेमंत, अनुज, ककरहिया की रीता, गणेश का नाम मतदाता सूची से गायब रहा। चुनाव कार्यालय के अनुसार दरअसल वार्डों की संख्या बढ़ी और परिसीमन भी बढ़ा।